जबलपुर. उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. कोहरे की घनी चादर के कारण दृश्यता कम होने से दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों से जबलपुर आने वाली प्रमुख ट्रेनें अपनी निर्धारित समय सारणी से बुरी तरह पिछड़ गई हैं. विशेष रूप से जबलपुर की 'लाइफ लाइन' मानी जाने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस और महाकौशल एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियाँ आज घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को इस ठिठुरन भरी ठंड में रेलवे स्टेशनों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कोहरे का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-जबलपुर रूट पर देखा जा रहा है. श्रीधाम एक्सप्रेस, जो देश की राजधानी से जबलपुर को जोड़ती है, आज सुबह अपने निर्धारित समय से कई घंटे पीछे चल रही है. यही हाल महाकौशल एक्सप्रेस का भी है, जो उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कोहरे वाले इलाकों से गुजरते हुए जबलपुर पहुंचती है. रेल अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से लोको पायलटों (ड्राइवरों) को कम दृश्यता में ट्रेनों को धीमी गति से चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. ट्रेनों की इस लेटलतीफी के कारण केवल जबलपुर ही नहीं, बल्कि कटनी, सतना और मैहर जैसे स्टेशनों पर भी यात्री परेशान दिखे.
रेलवे स्टेशनों पर सुबह से ही यात्री अपनी ट्रेनों की प्रतीक्षा में ठिठुरते नजर आए. पूछताछ काउंटरों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई, जहाँ लोग अपनी ट्रेनों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे. कोहरे के कारण न केवल लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, बल्कि कुछ पैसेंजर ट्रेनों के समय पर भी इसका असर पड़ा है. मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में कोहरे और शीतलहर का यह प्रकोप जारी रह सकता है, जिससे रेल सेवाओं में सुधार की तत्काल संभावना कम ही दिखाई दे रही है.
ट्रेनों की देरी के कारण रेलवे प्रबंधन ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' ) या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन जरूर चेक कर लें. ठंड और कोहरे के इस दोहरे वार ने सफर को न केवल लंबा बल्कि कष्टदायक भी बना दिया है.
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