अनिल मिश्र/रांची
झारखंड प्रदेश के झारखंड के सिंहभूम और ओडिशा के झारसुगुड़ा सेक्शन के बीच रेल पटरियों के पास हाथियों की आवाजाही देखे जाने के कारण कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। दक्षिण पूर्वी रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक, चक्रधरपुर डिवीजन में हाथियों के झुंड की आवाजाही के कारण 22 दिसंबर से तीन दिनों के लिए आधे दर्जन से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।इस आठ जोड़ी मेमू ट्रेनों के रद्द होने से टाटानगर सहित झारखंड के विभिन्न जिलों और ओडिशा के यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गौरतलब हो कि इससे पहले भी 18-19 दिसंबर और 20-21 दिसंबर को मेमू ट्रेनों का परिचालन रद्द किया जा चुका है।
इस बीच चक्रधरपुर मंडल के बंडामुंडा, राउरकेला और आसपास के इलाकों में करीब दो दर्जन हाथियों का झुंड रेल लाइन पार कर रहा है। ओडिशा वन विभाग से रिपोर्ट मिलने पर रेलवे ने ट्रेनों को रद्द किया है। एक माह पूर्व झारसुगुड़ा के पास कई हाथियों के लाइन पर बैठने से रात में कई घंटे लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था। मालूम हो कि चक्रधरपुर मंडल में कोल्हान और ओडिशा क्षेत्र में लाइन किनारे दर्जनभर स्थान एलीफेंट जोन के रूप में चिह्नित हैं, जहां वन विभाग की सूचना के आधार पर ट्रेनों का संचालन होता है।इस तरह लाइन ब्लॉक के कारण टाटानगर से राउरकेला होकर बिलासपुर व इतवारी जाने वाली ट्रेनों को भी रेलवे ने कई दिनों तक रद्द कर दिया है।
टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस एवं टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस 7 जनवरी तक रद्द रहेंगी। वहीं टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और टाटानगर-राउरकेला मेमू ट्रेन को दिन बदलकर 20 जनवरी तक रद्द करने का आदेश है। जबकि उत्कल एक्सप्रेस कई दिनों से झारसुगुड़ा से संबलपुर और कटक होकर पुरी जा रही है, जबकि इस्पात एक्सप्रेस को भी कई दिनों तक टाटा में रोके जाने का आदेश है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

