मुंबई. सोशल मीडिया सेंसेशन और टीवी एक्ट्रेस उर्फी जावेद एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके कपड़े या बयान नहीं, बल्कि एक बेहद डरावनी और गंभीर घटना है. मुंबई जैसे महानगर में आधी रात को अपने ही घर में असुरक्षित महसूस करने का अनुभव उर्फी के लिए किसी सदमे से कम नहीं रहा. सोमवार देर रात जो हुआ, उसने न सिर्फ उन्हें, बल्कि उनकी बहनों को भी अंदर तक डरा दिया. यह घटना अब महिला सुरक्षा, सेलिब्रिटी प्राइवेसी और महानगरों में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है.
उर्फी जावेद के मुताबिक, रात करीब 3 से 3:30 बजे के बीच कुछ अनजान लोग उनके मुंबई स्थित फ्लैट पर पहुंचे. 13वीं मंजिल पर स्थित घर के बाहर वे लगातार करीब 10 मिनट तक दरवाजे की घंटी बजाते रहे और अंदर घुसने की जिद करते रहे. इस समय उर्फी अपनी दोनों बहनों डॉली और आस्फी के साथ घर पर मौजूद थीं. बार-बार मना करने के बावजूद जब वे लोग नहीं हटे, तो घर के अंदर डर का माहौल बन गया. उर्फी का कहना है कि दरवाजे के बाहर एक शख्स खुलकर अंदर आने की जिद कर रहा था, जबकि दूसरा कोने में छिपा हुआ था, जिससे मामला और संदिग्ध लगने लगा.
उर्फी ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस बुलाने की धमकी दी, तब जाकर वे लोग वहां से भागे. लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी वे लोग बदतमीजी करते नजर आए और खुद को किसी नेता से जुड़ा हुआ बताकर धमकाने लगे. इस पूरी घटना ने उर्फी और उनकी बहनों को इस कदर डरा दिया कि उन्होंने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया. उर्फी ने इसे लेकर नॉन-कॉग्निजेबल यानी एनसी शिकायत दर्ज कराई है.
घटना के बाद उर्फी जावेद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक लड़की के लिए यह डर समझना आसान नहीं है, जब आधी रात को कोई अनजान पुरुष दरवाजे पर आकर अंदर घुसने की कोशिश करे. उन्होंने कहा कि बार-बार मना करने के बावजूद अगर कोई नहीं जाता, तो यह साफ तौर पर खतरे का संकेत है. उर्फी का कहना है कि वे पहली बार अपने ही घर में इतनी असुरक्षित महसूस कर रही हैं. उनकी बहन डॉली ने भी इस अनुभव को डरावना बताते हुए कहा कि मुंबई जैसे शहर में इस तरह की घटनाएं महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं.
मामले को और गंभीर बनाता है वह आरोप, जिसमें उर्फी ने दावा किया कि आरोपी सिक्योरिटी गार्ड से सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने को कह रहे थे. कथित तौर पर वे खुद को “नेता के आदमी” बता रहे थे. यह सुनकर उर्फी का डर और बढ़ गया. उन्होंने कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज मिटाने की कोशिश की गई, तो इससे साफ होता है कि उनकी नीयत ठीक नहीं थी. फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
उर्फी जावेद, जो अपने बोल्ड फैशन और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं, अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स का सामना करती रही हैं. लेकिन इस बार मामला ट्रोलिंग से कहीं आगे का है. यह सीधा उनके निजी जीवन और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. उर्फी ने सोशल मीडिया पर पुलिस स्टेशन से अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अपने ही घर में डर लगना बेहद दुखद है. उन्होंने साफ कहा कि अब वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं.
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है. कई यूजर्स ने उर्फी के समर्थन में आवाज उठाई है और मुंबई पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं कुछ लोगों ने महिला सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है. सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर एक जानी-मानी एक्ट्रेस अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी.
फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज, सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
उर्फी जावेद की यह आपबीती सिर्फ एक सेलिब्रिटी से जुड़ी खबर नहीं है, बल्कि यह उन हजारों महिलाओं की आवाज है, जो महानगरों में रहते हुए भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर पातीं. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि महिला सुरक्षा सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जमीन पर लागू होने वाला मुद्दा है. उर्फी के शब्दों में, “एक लड़की अकेले इस डर को वही समझ सकती है,” और शायद यही इस पूरी घटना का सबसे गंभीर और सोचने वाला पहलू है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

