देश के कोयला क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलने की दिशा में सरकार की पहल को एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं. वाणिज्यिक कोयला खनन के 14वें नीलामी दौर में उद्योग जगत की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली है. कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को इस दौर की बोलियां खोलीं, जिसमें पेश किए गए 41 कोयला ब्लॉकों में से 24 ब्लॉकों के लिए कंपनियों ने रुचि दिखाई. कुल 11 कंपनियों की ओर से 49 बोलियां जमा की गईं, जिनमें पांच नई कंपनियां पहली बार इस वाणिज्यिक कोयला खनन व्यवस्था के तहत बोली प्रक्रिया का हिस्सा बनीं. यह आंकड़े न केवल नीति में उद्योग के भरोसे को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि भारत का कोयला क्षेत्र अभी भी निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है.
सरकार द्वारा शुरू की गई यह नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित रही. मंत्रालय के अनुसार, बोली खोलने की प्रक्रिया हाइब्रिड प्रणाली के तहत आयोजित की गई, जिसमें ऑनलाइन जमा की गई बोलियों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डिक्रिप्ट कर बोलीदाताओं की मौजूदगी में खोला गया. इसके बाद ऑफलाइन दस्तावेजों से जुड़े सीलबंद लिफाफों को भी उसी मंच पर खोला गया. पूरी प्रक्रिया को लाइव स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया, ताकि पारदर्शिता को लेकर किसी तरह की शंका न रहे. सरकार की यह कोशिश रही है कि कोयला खनन जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में निवेश प्रक्रिया पूरी तरह भरोसेमंद और निष्पक्ष दिखे.
इस नीलामी दौर में जिन 24 ब्लॉकों पर बोलियां आई हैं, वे अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं और इनका व्यावसायिक महत्व काफी अधिक माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन ब्लॉकों के संचालन में आने से आने वाले वर्षों में घरेलू कोयला उत्पादन को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता को और कम किया जा सकेगा. खास बात यह भी है कि इस बार पांच नई कंपनियों की एंट्री ने यह संकेत दिया है कि वाणिज्यिक कोयला खनन से जुड़ी नीतियों को लेकर उद्योग का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. पहले जहां इस क्षेत्र में सीमित सार्वजनिक कंपनियों का दबदबा था, वहीं अब निजी क्षेत्र की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है.
कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब अगला चरण तकनीकी मूल्यांकन का होगा. इसके लिए एक बहु-विषयक तकनीकी मूल्यांकन समिति बनाई गई है, जो सभी बोलियों की जांच करेगी. इस प्रक्रिया में यह देखा जाएगा कि बोली लगाने वाली कंपनियां तकनीकी और पात्रता मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं. जो कंपनियां इस चरण में योग्य पाई जाएंगी, उन्हें आगे इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. यह अंतिम नीलामी प्रक्रिया एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी, जहां ब्लॉकों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर विजेता तय होंगे.
सरकार का मानना है कि इस तरह की प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि कोयला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन भी आएगा. पिछले कुछ वर्षों में वाणिज्यिक कोयला खनन को लेकर जो सुधार किए गए हैं, उनका उद्देश्य यही रहा है कि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को घरेलू संसाधनों से पूरा कर सके. उद्योगों को सस्ती और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध कराना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए बेहद जरूरी है, और कोयला इसमें अभी भी एक केंद्रीय भूमिका निभाता है.
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही देश नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन कोयला निकट भविष्य में भी भारत की ऊर्जा टोकरी का अहम हिस्सा बना रहेगा. बिजली उत्पादन, स्टील, सीमेंट और अन्य भारी उद्योगों के लिए कोयले की जरूरत बनी हुई है. ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए वाणिज्यिक कोयला खनन की सफलता बेहद महत्वपूर्ण है. 14वें नीलामी दौर की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि उद्योग इस दिशा में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है.
सरकार के अनुसार, कोयला क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां देश की समग्र आर्थिक गति को भी सहारा दे रही हैं. भारत जिस तरह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उसमें ऊर्जा सुरक्षा एक निर्णायक कारक है. कोयला ब्लॉकों की सफल नीलामी से न केवल निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्यों को भी राजस्व का लाभ मिलेगा. खनन गतिविधियों से जुड़े बुनियादी ढांचे, परिवहन और सहायक उद्योगों को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है.
कुल मिलाकर, वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की 14वीं नीलामी ने यह साफ कर दिया है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों और ऊर्जा परिवर्तन की चर्चाओं के बीच भारत का कोयला क्षेत्र अब भी उद्योग की प्राथमिकताओं में शामिल है. पारदर्शी प्रक्रिया, नई कंपनियों की भागीदारी और प्रतिस्पर्धी बोली ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र देश की औद्योगिक और आर्थिक यात्रा में अहम भूमिका निभाता रहेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

