ओएमजी : बेटे ने पिता की जगह अनुकम्पा में सरकारी नौकरी मिल सके, इसलिए कर दी हत्या, अंगूठा भी काट लिया

ओएमजी : बेटे ने पिता की जगह अनुकम्पा में सरकारी नौकरी मिल सके, इसलिए कर दी हत्या, अंगूठा भी काट लिया

प्रेषित समय :14:58:20 PM / Fri, Dec 26th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

आरा. बिहार के भोजपुर में एक कलयुगी बेटे ने सरकारी नौकरी से एक माह बाद रिटायर होने वाले पिता को केवल इसलिए मार डाला कि उसे उनकी जगह अनुकंपा नौकरी मिल सके. पुलिस ने इस अंधी हत्या का खुलासा किया है. यही नहीं बेटे ने हत्या के बाद पिता का अंगूठा भी काट लिया था.
पुलिस के मुताबिक पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या उनके बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी. वो एक महीने बाद रिटायर होने वाले थे. बेटे ने अनुकंपा पर नौकरी और पैसों की लालच में इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने बेटा विशाल तिवारी और झारखंड के हजारीबाग जिला के मो. जिशान अहमद जिलानी को अरेस्ट कर लिया है.

पशुपतिनाथ तिवारी (लगभग 60 वर्ष) झारखंड पुलिस में ड्राइवर थे और जनवरी 2026 में रिटायर होने वाले थे. पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी लेकर हजारीबाग से अपने गांव भगवतपुर आए हुए थे. 19 दिसंबर की रात वे अपने घर में सो रहे थे, तभी चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद उनका दाएं हाथ का अंगूठा भी काट दिया गया था. वारदात के बाद उनकी पत्नी ने चांदी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि, हत्या का उद्देश्य पिता की नौकरी और रिटायरमेंट के पैसों थे. उसके बाद पुलिस ने डिटेल निकालना शुरू किया. पता चला कि पशुपतिनाथ का बेटा विशाल तिवारी नशे का आदि है. उसकी अपने पिता से नहीं बनती थी. पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और झारखंड में रह रहे विशाल तिवारी की कुंडली निकालनी शुरू की. पुलिस ने मर्डर के दिन विशाल का लोकेशन पता किया तो वो दंग रह गई. मोबाइल डंप से जो जानकारी मिली उसके मुताबिक वारदात वाले दिन विशाल अपने दोस्त के साथ पिता के घर आया था. पुलिस ने पहले विशाल के दोस्त को उठाया फिर विशाल तक पहुंची.

पुलिस की सख्ती के आगे वो टूट गया. उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. विशाल ने बताया कि, 19 दिसंबर की शाम करीब छह बजे दोनों बाइक से हजारीबाग से निकले और रात करीब डेढ़ बजे भगवतपुर पहुंचे. घर के पास पेड़ के सहारे मकान में घुसकर बरामदे में पलंग पर सो रहे पशुपतिनाथ तिवारी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी.

हत्या के बाद इसलिए अंगूठा काट लिया

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद अंगूठा काटे जाने की बात से ही उन्हें शक हो गया था कि मर्डर के पीछे कोई गहरा राज है. पुलिस ने पशुपतिनाथ की पत्नी से भी पूछताछ की, लेकिन उनका बयान भी गुमाने वाला था. पूछताछ के बाद आरोपी ने बताया कि, अंगूठा काटने के पीछे वजह थी. विशाल ने बताया कि, गला रेतने के बाद मुझे शक था कि पिता कहीं बच ना जाएं. मैंने दांये हाथ का अंगूठा इसलिए काटा, ताकि वो बच भी गए तो जमीन और प्रापर्टी बहन के नाम नहीं कर पाएं.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-