जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेविवि) में एक हैरानी करने वाला मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय में पदस्थ एक क्लर्क और प्यून ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी यूडीसी दुर्गाशंकर सिंगरहा और सहयोगी प्यून मुकेश सेन को गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़िता के अनुसार, करीब 20 दिन पहले उसे सोशल मीडिया के माध्यम से विश्वविद्यालय में संविदा भर्ती की जानकारी मिली थी. जब उसने विश्वविद्यालय के कार्यालय में संपर्क किया, तो उसकी बात अपर डिवीजन क्लर्क दुर्गाशंकर से हुई. आरोपी ने उसे भरोसे में लेकर दस्तावेज मंगवाए और कुलगुरु से अच्छी जान-पहचान होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया. इस दौरान आरोपी ने पीड़िता से कई बार मुलाकात भी की.
सरकारी क्वार्टर में वारदात
25 दिसंबर को आरोपी दुर्गाशंकर ने इंटरव्यू और कागजी कार्रवाई का बहाना बनाकर युवती को विश्वविद्यालय कैंपस स्थित कृषि नगर कॉलोनी बुलाया. वहां उसे प्यून मुकेश सेन के घर ले जाया गया. आरोप है कि मुकेश ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिसके बाद दुर्गाशंकर ने युवती के साथ दुष्कर्म किया. वारदात के बाद आरोपियों ने युवती को धमकी दी कि यदि उसने शोर मचाया तो उसे नौकरी नहीं मिलेगी और समाज में बदनामी होगी.
दोनों आरोपी अरेस्ट, पूछताछ जारी
घटना के अगले दिन शुक्रवार को पीड़िता ने आधारताल थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को उनके घर से दबोच लिया. एएसपी जितेंद्र सिंह के अनुसार, मुख्य आरोपी बाबू है, जबकि प्यून ने इस अपराध में उसका साथ दिया था. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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