बेंगलुरु.भारतीय क्रिकेट के आकाश में जब भी रिकॉर्ड्स के सितारों की बात होती है, तो दो नाम सबसे ज्यादा चमकते हैं—एक क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और दूसरे आधुनिक युग के 'रन मशीन' विराट कोहली. 37 वर्ष की उम्र में भी रनों की वही भूख और मैदान पर वही आक्रामक तेवर लिए विराट कोहली ने घरेलू क्रिकेट के मंच पर एक ऐसी धमाकेदार वापसी की है, जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है. 15 साल के लंबे अंतराल के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे कोहली ने आंध्र और गुजरात के खिलाफ दो ऐसी मैच जिताऊ पारियां खेलीं, जिन्होंने न केवल दिल्ली को जीत दिलाई, बल्कि सचिन तेंदुलकर के एक और महान रिकॉर्ड की नींव हिला दी है. बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर कोहली के बल्ले से निकली 131 और 77 रनों की पारियों ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के आंकड़े का पीछा नहीं कर रहे, बल्कि उससे पहले सचिन के 'लिस्ट ए' क्रिकेट के सबसे बड़े कीर्तिमान को ध्वस्त करने के बेहद करीब पहुँच चुके हैं.
विराट कोहली ने इस टूर्नामेंट के दौरान लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 16,000 रन बनाने का गौरव हासिल किया है. उन्होंने यह मुकाम महज 342 मैचों में हासिल कर अपने पूर्व साथी और दिग्गज सचिन तेंदुलकर के 391 पारियों के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया. कोहली अब लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में आठवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने श्रीलंका के महान सनथ जयसूर्या के 16,128 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है और अब उनकी नजरें ग्राहम गूच, रिकी पोंटिंग और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में और ऊपर बढ़ने पर टिकी हैं. कोहली का लिस्ट ए करियर औसत 57.67 का है, जो 14,000 से अधिक रन बनाने वाले किसी भी बल्लेबाज में सबसे ज्यादा है. यह आंकड़ा उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में रन बनाने की अद्भुत क्षमता का जीवंत प्रमाण है.
इस समय पूरी दुनिया की नजरें कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों पर टिकी हैं, जहाँ वे सचिन (100 शतक) से 16 कदम दूर यानी 84 शतकों पर खड़े हैं. लेकिन इस हिमालयी लक्ष्य तक पहुँचने से पहले कोहली एक और बड़ा इतिहास रचने वाले हैं. लिस्ट ए क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के नाम सर्वाधिक 60 शतक दर्ज हैं, जबकि कोहली अब 58 शतकों तक पहुँच चुके हैं. यानी मास्टर ब्लास्टर के इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए कोहली को अब केवल 3 और शतकों की दरकार है. दिलचस्प बात यह है कि कोहली पहले ही सचिन के 49 वनडे शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 वनडे शतकों का अर्धशतक पूरा करने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन चुके हैं. उनके 58 लिस्ट ए शतकों में से 53 वनडे क्रिकेट में आए हैं, जबकि बाकी 5 घरेलू मैचों में बने हैं. इसके विपरीत, सचिन ने अपने 60 शतकों में से 49 वनडे में और 11 घरेलू लिस्ट ए मैचों में बनाए थे.
कोहली की यह फॉर्म और फिटनेस इस बात का संकेत है कि 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज और साल 2026 में भारत के होने वाले कुल 18 वनडे मैचों के दौरान वे सचिन के 60 लिस्ट ए शतकों के रिकॉर्ड को बहुत आसानी से पार कर लेंगे. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का मील का पत्थर पार करने से पहले कोहली लिस्ट ए क्रिकेट के 'किंग' बन जाएंगे. विजय हजारे ट्रॉफी में उनकी 131 रनों की पारी ने यह साबित कर दिया कि बढ़ती उम्र उनके खेल की धार को कम नहीं कर पाई है, बल्कि उनका अनुभव अब विपक्षी गेंदबाजों के लिए और भी घातक होता जा रहा है. 126.23 की स्ट्राइक रेट से गुजरात के खिलाफ खेली गई उनकी 77 रनों की पारी ने दिखाया कि वे आज भी खेल के मिजाज को बदलने का माद्दा रखते हैं.
भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए साल 2026 किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला है, क्योंकि विराट कोहली हर मैच के साथ इतिहास के पन्नों को दोबारा लिख रहे हैं. 37 साल की उम्र में जहां खिलाड़ी अक्सर सन्यास की योजना बनाते हैं, वहां कोहली अपने खेल के नए मानक स्थापित कर रहे हैं. सचिन और कोहली, ये दो ऐसे नाम हैं जिन्होंने भारतीय बल्लेबाजी की विरासत को दुनिया भर में सम्मान दिलाया है, और अब कोहली जिस तरह से सचिन के एक-एक कर सभी रिकॉर्ड्स की ओर बढ़ रहे हैं, वह न केवल रोमांचक है बल्कि क्रिकेट के प्रति उनके अटूट समर्पण की कहानी भी कहता है. अब सबकी निगाहें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज पर टिकी हैं, जहां कोहली के पास सचिन के 'लिस्ट ए' शतकों के बराबर पहुँचने का सुनहरा मौका होगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

