न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले खुशखबरी टीम इंडिया में वापसी करने को तैयार हैं श्रेयस अय्यर

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले खुशखबरी टीम इंडिया में वापसी करने को तैयार हैं श्रेयस अय्यर

प्रेषित समय :21:25:54 PM / Sun, Dec 28th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है, जो करोड़ों खेल प्रेमियों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए काफी है। टीम इंडिया के मध्यक्रम के धुरंधर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर करीब दो महीने के लंबे और चुनौतीपूर्ण इंतजार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम के लिए इसे एक बड़ी 'संजीवनी' के रूप में देखा जा रहा है। श्रेयस अय्यर की फिटनेस को लेकर आ रही सकारात्मक रिपोर्टों ने न केवल चयनकर्ताओं बल्कि टीम प्रबंधन की चिंताओं को भी काफी हद तक कम कर दिया है। यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान अय्यर एक ऐसी गंभीर चोट का शिकार हुए थे, जिसने न केवल उनके करियर बल्कि उनके स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन अब यह खिलाड़ी फिर से मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने के लिए बेताब नजर आ रहा है।

श्रेयस अय्यर की वापसी की पटकथा अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मैदान पर भी लिखी जाने लगी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अय्यर ने नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है और वे गेंद को उसी पुराने अंदाज में हिट कर रहे हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। उनकी फिटनेस का असली इम्तिहान अब घरेलू क्रिकेट के मैदान पर होने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रेयस अय्यर 2 जनवरी को गुलाबी नगरी जयपुर पहुँचेंगे, जहाँ वे मुंबई की विजय हजारे ट्रॉफी टीम के साथ जुड़ेंगे। टीम इंडिया में दोबारा जगह सुरक्षित करने से पहले उन्हें अपनी मैच फिटनेस साबित करनी होगी, जिसके लिए वे 3 और 6 जनवरी को मुंबई की ओर से दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेलेंगे। इन दो मैचों में उनके प्रदर्शन और शारीरिक स्थिति पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCA) की पैनी नजर रहेगी। यदि वे इन मैचों में बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी और फील्डिंग करते नजर आते हैं, तो उनका 11 जनवरी से वडोदरा में शुरू होने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के लिए चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया है कि श्रेयस की रिकवरी किसी चमत्कार से कम नहीं रही है। उन्होंने हाल ही में मुंबई के स्थानीय मैदान पर करीब एक घंटे तक बिना किसी दर्द या असहजता के बल्लेबाजी की, जिसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा गया था। विशेषज्ञों की टीम ने उनकी प्रोग्रेस को 'उल्लेखनीय' बताया है। हालांकि, उनका फाइनल शेड्यूल अभी भी बीसीसीआई की मेडिकल टीम से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगा, लेकिन जयपुर में विजय हजारे ट्रॉफी के मैचों के लिए उनका नाम शामिल होना इस बात का पुख्ता संकेत है कि वे अब 100% फिट होने के बेहद करीब हैं। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि अय्यर का अनुभव और स्पिन को खेलने की उनकी शानदार तकनीक न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

श्रेयस अय्यर के लिए पिछले दो महीने किसी बुरे सपने जैसे रहे हैं। उनके बाहर होने की कहानी ऑस्ट्रेलिया दौरे के उस तीसरे वनडे मैच से शुरू हुई थी, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था। उस मैच के दौरान अय्यर की पसलियों में ऐसी गंभीर चोट लगी थी कि उन्हें मैदान से सीधे अस्पताल ले जाना पड़ा और नौबत यहाँ तक आ गई थी कि उन्हें ICU (आईसीयू) तक में भर्ती करना पड़ा था। पसलियों की इंजरी एक बल्लेबाज के लिए सबसे दर्दनाक होती है क्योंकि यह सांस लेने और शॉट खेलने की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसी चोट के चलते वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शेष श्रृंखला, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे। सिडनी में सफल सर्जरी और उसके बाद कड़े रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद अय्यर ने जिस तरह से खुद को तैयार किया है, वह उनकी मानसिक मजबूती और खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

भारतीय टीम के संतुलन के लिहाज से श्रेयस अय्यर का वापस आना बेहद जरूरी है। नंबर चार या पांच पर बल्लेबाजी करते हुए अय्यर ने पिछले कुछ सालों में भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं। उनकी गैरमौजूदगी में मध्यक्रम थोड़ा अस्थिर नजर आ रहा था, खासकर उन परिस्थितियों में जहाँ स्पिनरों का बोलबाला होता है। अब जबकि न्यूजीलैंड की टीम भारत आ रही है, तो अय्यर की वापसी से बल्लेबाजी की गहराई और अधिक मजबूत हो जाएगी। टीम इंडिया का चयन अगले 2 या 3 जनवरी को होने की संभावना है, और अय्यर की जयपुर में होने वाली सक्रियता चयनकर्ताओं को उन्हें टीम में शामिल करने का ठोस आधार प्रदान करेगी। वडोदरा वनडे से पहले अय्यर का विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना उनके लिए एक बेहतरीन 'वार्म-अप' साबित होगा, जिससे वे सीधे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तीव्रता के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया में बीसीसीआई की मेडिकल टीम और कोचों की भूमिका भी सराहनीय रही है। अय्यर को जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय उन्हें पूरा समय दिया गया ताकि उनकी पसलियों की चोट पूरी तरह से ठीक हो सके। पसलियों की चोट के बाद वापस आने में अक्सर खिलाड़ियों को लंबा समय लगता है, लेकिन अय्यर की फिटनेस ड्रिल और डाइट प्लान ने उनकी रिकवरी को तेज कर दिया। सोशल मीडिया पर भी प्रशंसक अय्यर की नेट प्रैक्टिस के वीडियो देखकर काफी उत्साहित हैं। उनके लौटने की खबर ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें 3 जनवरी को होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी के मैच पर टिकी हैं, जहाँ यह धुरंधर बल्लेबाज एक बार फिर अपना बल्ला घुमाते हुए नजर आएगा। यह मैच केवल मुंबई के लिए नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक बड़ा लिटमस टेस्ट होगा, जो यह तय करेगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में श्रेयस अय्यर का 'रिटर्न गिफ्ट' क्या होने वाला है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-