भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम दौर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारत की उपकप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने महिला क्रिकेट में 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे कर इतिहास रच दिया है। रविवार को तिरुवनंतपुरम में खेले गए भारत और श्रीलंका के बीच चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मंधाना ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। जैसे ही उन्होंने 27वां रन पूरा किया, वह महिला क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाली भारत की दूसरी और दुनिया की कुल चौथी खिलाड़ी बन गईं। इस उपलब्धि के साथ ही स्मृति मंधाना ने खुद को खेल की महानतम खिलाड़ियों में शुमार कर लिया है।
इस ऐतिहासिक पारी के साथ मंधाना उस खास क्लब में शामिल हो गईं, जिसमें पहले से भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज, इंग्लैंड की दिग्गज बल्लेबाज शार्लेट एडवर्ड्स और न्यूजीलैंड की स्टार खिलाड़ी सूजी बेट्स मौजूद हैं। महिला क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल चार खिलाड़ियों का इस मुकाम तक पहुंच पाना, इस उपलब्धि की अहमियत को और बढ़ा देता है। मंधाना का नाम अब उन खिलाड़ियों की सूची में दर्ज हो गया है, जिन्होंने लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।
भारत बनाम श्रीलंका चौथे टी20 मुकाबले में यह पल उस समय आया, जब मंधाना क्रीज पर आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी कर रही थीं। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए महज 27 रनों की जरूरत थी और उन्होंने अपने चिर-परिचित आक्रामक लेकिन संतुलित अंदाज में यह लक्ष्य हासिल कर लिया। जैसे ही यह आंकड़ा पूरा हुआ, स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। भारतीय टीम की डगआउट से लेकर क्रिकेट प्रशंसकों तक, हर किसी के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ नजर आई।
स्मृति मंधाना का करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा है। बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। अपनी खूबसूरत कवर ड्राइव, बेहतरीन टाइमिंग और बड़े मैचों में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता के कारण मंधाना लंबे समय से टीम की रीढ़ मानी जाती हैं। वह पहले ही भारत के लिए महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन चुकी हैं। इसके अलावा वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 4000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर भी हैं।
अगर उनके करियर आंकड़ों पर नजर डालें, तो मंधाना का निरंतर प्रदर्शन साफ दिखाई देता है। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 5322 रन दर्ज हैं और उनका औसत 48.38 का है, जो उनकी तकनीकी मजबूती और मैच जिताने की क्षमता को दर्शाता है। टी20 और वनडे दोनों प्रारूपों में 4000 से ज्यादा रन बनाने वाली वह दुनिया की चुनिंदा महिला क्रिकेटरों में शामिल हैं। इस मामले में वह सिर्फ सूजी बेट्स के साथ बराबरी पर हैं, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
महिला क्रिकेट के 10,000 रन क्लब में शामिल अन्य खिलाड़ियों पर नजर डालें तो मिताली राज इस सूची में सबसे ऊपर हैं। भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने अपने लंबे और शानदार करियर में 10,868 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उनके बाद न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिनके नाम 10,652 रन दर्ज हैं। इंग्लैंड की शार्लेट एडवर्ड्स ने अपने करियर में 10,273 रन बनाए थे। अब स्मृति मंधाना इस सूची में 10,000 रन के आंकड़े को छू चुकी हैं और आने वाले वर्षों में उनके पास इस सूची में और ऊपर जाने का पूरा मौका है।
खास बात यह है कि मिताली राज और शार्लेट एडवर्ड्स दोनों ही क्रिकेट से संन्यास ले चुकी हैं। सूजी बेट्स इस समय 38 वर्ष की हैं और वह मंधाना से करीब आठ साल बड़ी हैं। इसके अलावा सूजी बेट्स फिलहाल चोट के कारण मैदान से बाहर चल रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में स्मृति मंधाना के पास महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बनने का सुनहरा अवसर है। फिलहाल वह सूजी बेट्स से 652 रन पीछे हैं, लेकिन जिस फॉर्म और फिटनेस के साथ मंधाना खेल रही हैं, उसे देखते हुए यह अंतर ज्यादा दिनों तक कायम रहने की संभावना कम ही नजर आती है।
स्मृति मंधाना की इस उपलब्धि को महिला क्रिकेट के बढ़ते कद का प्रतीक भी माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट को जो लोकप्रियता और सम्मान मिला है, उसमें मंधाना जैसी खिलाड़ियों का बड़ा योगदान रहा है। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ भारतीय दर्शकों को महिला क्रिकेट से जोड़ा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय टीम की मजबूत छवि बनाई। मैदान के बाहर भी मंधाना महिला क्रिकेट की सबसे पहचान योग्य चेहरों में से एक हैं, जो नई पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि स्मृति मंधाना अभी अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। उम्र, अनुभव और फिटनेस, तीनों ही उनके पक्ष में हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में वह न सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स तोड़ सकती हैं, बल्कि भारतीय महिला टीम को बड़े टूर्नामेंट्स में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की मेहनत, संघर्ष और निरंतर प्रगति की कहानी को भी बयां करती है।
भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए इस मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर भी स्मृति मंधाना की जमकर तारीफ हुई। पूर्व क्रिकेटरों, मौजूदा खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाइयों से सराबोर कर दिया। कई लोगों ने इसे महिला क्रिकेट के लिए गर्व का पल बताया, तो कुछ ने मंधाना को भविष्य की सबसे महान बल्लेबाजों में से एक करार दिया।
स्मृति मंधाना का 10,000 रन पूरे करना भारतीय खेल इतिहास में एक यादगार क्षण बन गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर का मील का पत्थर है, बल्कि यह दिखाती है कि भारतीय महिला क्रिकेट किस तेजी से नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आने वाले समय में मंधाना से और भी बड़े रिकॉर्ड्स की उम्मीद की जा रही है, और जिस आत्मविश्वास के साथ वह खेल रही हैं, वह दिन दूर नहीं जब वह महिला क्रिकेट के रन चार्ट में सबसे ऊपर नजर आएंगी।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

