करीब डेढ़ दशक बाद घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी कर चुके भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार दिख रहे हैं। खबर है कि वह दिल्ली की ओर से अपना तीसरा मुकाबला रेलवेज के खिलाफ खेल सकते हैं। यह फैसला केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखकर लिया गया एक सोचा-समझा कदम माना जा रहा है।
विराट कोहली ने 15 साल के लंबे अंतराल के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में कदम रखा और आते ही अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि उनका क्लास और फिटनेस आज भी बरकरार है। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले गए पहले मैच में उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ 131 रनों की शानदार पारी खेलते हुए दिल्ली को 299 रनों का लक्ष्य 37.3 ओवर में हासिल करवा दिया। इसके बाद गुजरात के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 77 रन की अहम पारी खेली और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। इन दोनों पारियों ने यह साफ कर दिया कि कोहली सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि पूरी गंभीरता के साथ घरेलू क्रिकेट में लौटे हैं।
दिल्ली की ओर से खेले गए ये दोनों मैच दर्शकों के बिना हुए, क्योंकि बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दर्शकों की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद विराट कोहली के प्रदर्शन ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी और क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उनकी फिटनेस, टाइमिंग और भूख की जमकर तारीफ की। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का समर्पण भारतीय क्रिकेट में एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
बीसीसीआई ने इस सीजन के लिए एक अहम निर्देश जारी किया था, जिसके तहत सभी सीनियर भारतीय खिलाड़ियों को, यदि वे अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर नहीं हैं, तो कम से कम दो मैच विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने होंगे। विराट कोहली ने इस निर्देश का पालन करते हुए दो मैच खेले और इसके बाद दिल्ली के तीसरे मुकाबले, जो सौराष्ट्र के खिलाफ था, से उन्होंने खुद को अलग रखा। माना जा रहा था कि कोहली अब टूर्नामेंट में आगे नहीं खेलेंगे, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स ने इस धारणा को बदल दिया है।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रोहन जेटली ने बताया है कि विराट कोहली ने तीन मैच खेलने की उपलब्धता दी थी। उनके बयान के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि कोहली एक और मैच खेल सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुकाबला दिल्ली का ग्रुप स्टेज का अहम मैच होगा, जो रेलवेज के खिलाफ कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन ग्राउंड, अलूर या फिर बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जा सकता है।
गुजरात के खिलाफ मैच के बाद विराट कोहली मुंबई चले गए थे और इसी कारण वह सौराष्ट्र के खिलाफ मुकाबले में नहीं खेले। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ओडिशा और सर्विसेज के खिलाफ होने वाले मैचों में भी नहीं उतरेंगे, लेकिन रेलवेज के खिलाफ मुकाबले को वह खास तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी में शुरू होने वाली भारत की वनडे सीरीज मानी जा रही है।
विराट कोहली हाल के महीनों में वनडे क्रिकेट में शानदार फॉर्म में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 302 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इस सीरीज में उनका औसत 151 का रहा, जो उनकी निरंतरता और क्लास का प्रमाण है। इसी लय को उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी बरकरार रखा और सिर्फ दो मैचों में 208 रन बना डाले, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। इन आंकड़ों के साथ उनका औसत 128 से अधिक का रहा।
अगर हालिया पांच मैचों पर नजर डालें, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन वनडे और विजय हजारे ट्रॉफी के दो मैच शामिल हैं, तो विराट कोहली ने कुल 684 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं और औसत 228 का रहा है। ऐसे में यह साफ है कि वह जबरदस्त फॉर्म में हैं और इस लय को तोड़ना नहीं चाहते।
रेलवेज के खिलाफ तीसरा विजय हजारे मुकाबला खेलने की संभावित वजह यही मानी जा रही है कि विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले खुद को पूरी तरह मैच-फिट और प्रतिस्पर्धी माहौल में रखना चाहते हैं। 11 जनवरी से शुरू होने वाली इस सीरीज में भारत को एक मजबूत न्यूजीलैंड टीम का सामना करना है और कोहली उस सीरीज में टीम इंडिया के सबसे अहम बल्लेबाजों में से एक होंगे।
टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहली अब पूरी तरह वनडे प्रारूप पर फोकस कर चुके हैं। उनका लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अपने करियर को आगे बढ़ाने का है और इसके लिए निरंतर मैच प्रैक्टिस और लय बनाए रखना बेहद जरूरी है। घरेलू क्रिकेट में खेलना उनके लिए सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि अपनी तैयारी को धार देने का एक जरिया बन चुका है।
रेलवेज के खिलाफ संभावित मुकाबले में विराट कोहली की मौजूदगी से दिल्ली की बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को उनके साथ खेलने और सीखने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह मैच खुद कोहली के लिए भी अहम होगा, जहां वह अंतरराष्ट्रीय सीरीज से पहले अपनी टाइमिंग, फिटनेस और मानसिक तैयारी को परख सकेंगे।
विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का तीसरा मैच खेलना उनके करियर के इस चरण में उनकी गंभीरता, अनुशासन और जुनून को दर्शाता है। यह न केवल दिल्ली टीम के लिए सकारात्मक खबर है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक मजबूत संकेत है कि उसका सबसे अनुभवी बल्लेबाज अब भी हर चुनौती के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखना चाहता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

