दुनिया के सबसे लोकप्रिय ईमेल प्लेटफॉर्म गूगल ने अपने करोड़ों यूजर्स को एक बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। अब तक जीमेल यूजर्स के लिए अपना ईमेल एड्रेस बदलना लगभग असंभव कार्य था, लेकिन गूगल जल्द ही एक ऐसा क्रांतिकारी फीचर पेश करने जा रहा है जिससे यूजर्स बिना अपना डेटा खोए अपना मौजूदा 'gmail.com' एड्रेस बदल सकेंगे। अब तक की व्यवस्था के अनुसार, गूगल केवल उन यूजर्स को ईमेल एड्रेस बदलने की अनुमति देता था जो किसी थर्ड-पार्टी ईमेल सर्विस का उपयोग करके गूगल अकाउंट चलाते थे, लेकिन मुख्य जीमेल यूजर्स के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। तकनीकी जगत में इस बदलाव को एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह वर्षों पुरानी उस समस्या का समाधान करेगा जिसमें यूजर्स को एक नया ईमेल एड्रेस पाने के लिए अपना पूरा पुराना अकाउंट और डेटा छोड़ना पड़ता था।
गूगल के इस नए बदलाव की सुगबुगाहट उसके अपडेटेड सपोर्ट पेज से मिली है। तकनीकी विशेषज्ञों और '9to5Google' की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के सपोर्ट पेज पर अब एक नई प्रक्रिया का उल्लेख किया जा रहा है, जिसे कंपनी 'धीरे-धीरे लागू' कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस बदलाव की जानकारी सबसे पहले टेलीग्राम के 'गूगल पिक्सेल हब' ग्रुप में देखी गई और वर्तमान में सपोर्ट पेज पर इससे संबंधित कंटेंट मुख्य रूप से हिंदी भाषा में दिखाई दे रहा है। सपोर्ट पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, गूगल अकाउंट से जुड़ा ईमेल एड्रेस वह पहचान है जिसका उपयोग यूजर्स गूगल की विभिन्न सेवाओं में साइन-इन करने के लिए करते हैं। अब कंपनी यूजर्स को यह विकल्प देने जा रही है कि वे अपने मौजूदा पते को, जो 'gmail.com' पर समाप्त होता है, एक नए यूजरनेम वाले जीमेल एड्रेस में बदल सकें।
इस नए फीचर की कार्यप्रणाली को बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाने की कोशिश की गई है। जब कोई यूजर अपना ईमेल एड्रेस बदलेगा, तो उसका पुराना एड्रेस पूरी तरह खत्म नहीं होगा। गूगल ने स्पष्ट किया है कि बदलाव के बाद भी यूजर के पुराने पते पर आने वाले ईमेल नए एड्रेस पर स्वतः प्राप्त होते रहेंगे। इतना ही नहीं, यूजर अपने पुराने ईमेल एड्रेस का उपयोग करके भी साइन-इन कर सकेगा और उसके अकाउंट की एक्सेस या डेटा में कोई बदलाव नहीं होगा। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्होंने वर्षों से अपने पुराने ईमेल को विभिन्न बैंक खातों, सोशल मीडिया प्रोफाइल और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कर रखा है। ईमेल एड्रेस बदलने के बाद भी उनका संपर्क सूत्र नहीं टूटेगा और वे निर्बाध रूप से अपनी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
हालांकि, इस सुविधा के साथ गूगल ने कुछ कड़े नियम और शर्तें भी लागू की हैं ताकि इस फीचर का दुरुपयोग न हो सके। सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि कोई भी यूजर अपने अकाउंट का एड्रेस अधिकतम तीन बार ही बदल सकता है। इसका अर्थ है कि एक यूजर अपने मूल पते के अलावा तीन अन्य नए पते चुन सकेगा, यानी एक अकाउंट के जीवनकाल में कुल चार अलग-अलग एड्रेस इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इसके अलावा, सुरक्षा और स्थिरता के लिहाज से गूगल ने यह भी तय किया है कि एक बार ईमेल एड्रेस बदलने के बाद, अगले 12 महीनों तक यूजर उसे दोबारा बदल या हटा नहीं सकेगा। यह लॉक-इन पीरियड सुनिश्चित करेगा कि यूजर्स बार-बार अपना एड्रेस न बदलें, जिससे सिस्टम पर अनावश्यक बोझ न पड़े।
गूगल ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने ईमेल एड्रेस का स्वामित्व हमेशा मूल यूजर के पास ही रहेगा। कोई अन्य व्यक्ति उस पुराने पते पर दावा नहीं कर सकेगा और न ही गूगल उस पते को किसी नए यूजर को अलॉट करेगा। हालांकि, कुछ तकनीकी सीमाओं के कारण पुरानी गतिविधियों में पुराना पता दिखाई दे सकता है। उदाहरण के तौर पर, गूगल कैलेंडर पर एड्रेस बदलने से पहले बनाए गए इवेंट्स या पुरानी मीटिंग्स में तुरंत नया एड्रेस रिफ्लेक्ट नहीं होगा। इसके बावजूद, यूजर्स को यह लचीलापन दिया जाएगा कि वे चाहें तो अपने पुराने पते से भी ईमेल भेज सकें। गूगल का यह कदम विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जिन्होंने बचपन में या अनौपचारिक रूप से कोई ईमेल आईडी बना ली थी और अब वे पेशेवर जगत में एक अधिक गंभीर और सरल नाम वाला ईमेल एड्रेस चाहते हैं। इस फीचर के व्यापक रोलआउट के बाद जीमेल का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

