अनिल मिश्र/रांची
झारखंड के धनबाद जिले में कतरास बाजार स्थित खेतान टावर कॉम्प्लेक्स की ज्वेलरी दुकान में हुई सनसनीखेज डकैती के पीछे मध्य प्रदेश से संचालित अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ सामने आया है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जो लंबे समय से धनबाद में डेरा डालकर सुनियोजित तरीके से चोरी और डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे.
धनबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज सात घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया और चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 20 से 22 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 300 से 400 ग्राम सोने के गहने और लूट से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए हैं. इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि सोमवार की देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच 12 से 15 नकाबपोश अपराधियों ने कतरास बाजार स्थित ‘श्री जमनादास बिसेसरलाल ऑर्नामेंट्स’ नामक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाया. अपराधियों ने पहले दुकान के गार्ड नागेंद्र सिंह को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया. इसके बाद लोहे की रॉड से दुकान का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए.
हालांकि दुकान का मुख्य लॉकर नहीं खुल पाया, जिससे बड़ी मात्रा में जेवरात सुरक्षित रह गए, लेकिन अपराधी करीब आधे घंटे तक दुकान में तांडव मचाते रहे और चुन-चुन कर सोने-चांदी के जेवरात झोलों में भरकर ले गए. पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसने जांच में अहम भूमिका निभाई.
एसएसपी प्रभात कुमार के अनुसार, लूट के बाद अपराधी दूसरी वारदात की नीयत से जोगता थाना क्षेत्र के एक घर में घुस गए, लेकिन घरवालों की सतर्कता से उनकी योजना विफल हो गई. शोर मचने पर ग्रामीणों ने तीन अपराधियों को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पूछताछ में इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश से जुड़ते चले गए.
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए चारों अपराधी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं. ये लोग धनबाद में दिन के समय फेरी लगाने का काम करते थे और इसी बहाने बाजारों में घूमकर ज्वेलरी दुकानों की रेकी करते थे. रात में वारदात के समय ये अपराधी सिर्फ निक्कर यानी हाफ पैंट पहनते थे, ताकि कपड़ों से पहचान न हो सके. इसी अनोखे तरीके के कारण पुलिस ने इस गिरोह को ‘निक्कर गैंग’ नाम दिया है.
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह धनबाद स्टेशन के पीछे स्थित छाई गद्दा इलाके को अपना ठिकाना बनाए हुए था. यहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और यह एक बड़े अंतर्राज्यीय आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.
इस पूरे मामले में धनबाद रेल पुलिस के जवान रितेश मीना और प्रदीप कुमार की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया है. एसएसपी ने बताया कि इन दोनों जवानों को उनकी सतर्कता और साहसिक भूमिका के लिए सम्मानित किया जाएगा.
फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. मध्य प्रदेश से जुड़े इस ‘निक्कर गैंग’ के खुलासे के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है, ताकि इस तरह के अपराधों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

