हजारीबाग केंद्रीय कारा से तीन उम्रकैद सजायाफ्ता कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

हजारीबाग केंद्रीय कारा से तीन उम्रकैद सजायाफ्ता कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

प्रेषित समय :21:44:31 PM / Wed, Dec 31st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/रांची

झारखंड प्रदेश की सबसे पुरानी और सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) केंद्रीय कारा, हजारीबाग से तीन सजायाफ्ता कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी झकझोर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धनबाद जिले के रहने वाले तीनों कैदी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। नियमित प्रक्रिया के तहत जब कैदियों को गिनती के लिए बैरक से बाहर निकाला गया, उसी दौरान तीनों कैदी अचानक गायब हो गए। शुरुआत में जेलकर्मियों को आशंका थी कि कैदी जेल परिसर में ही कहीं मौजूद होंगे, जिसके चलते आंतरिक स्तर पर उनकी तलाश की जाती रही। लेकिन काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि जेपी केंद्रीय कारा को राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। यहां पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और हर प्रवेश एवं निकास द्वार पर सशस्त्र बलों की तैनाती रहती है। ऐसे में इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद तीन सजायाफ्ता कैदियों का फरार हो जाना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। फरार कैदियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है और आसपास के जिलों को भी सतर्क कर दिया गया है। साथ ही जेल में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

यह घटना राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिस कारा को अचूक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता था, वहां से कैदियों का फरार होना प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर करता है। फिलहाल जेल प्रशासन मामले को दबाने के बजाय स्थिति को नियंत्रित करने और फरार कैदियों को जल्द से जल्द पकड़ने की दिशा में कार्रवाई का दावा कर रहा है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-