मकर संक्रांति इस वर्ष केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं रहेगी, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन एक विशेष ग्रहयोग के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही आकाश में ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जिसे ज्योतिषाचार्य ‘महासंयोग’ की संज्ञा दे रहे हैं। इस महासंयोग का प्रभाव सभी बारह राशियों पर पड़ेगा, लेकिन छह राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह संक्रांति भाग्य के नए द्वार खोल सकती है। आर्थिक स्थिति, करियर, पारिवारिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में इन राशियों के जातकों को अप्रत्याशित लाभ मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं।
ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने शत्रु ग्रह शनि की राशि मकर में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार स्थिति सामान्य नहीं है। सूर्य के साथ-साथ बुध और शुक्र की युति, बृहस्पति की दृष्टि और चंद्रमा की अनुकूल स्थिति मिलकर एक ऐसा महासंयोग बना रही है, जो वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि इस संक्रांति को ज्योतिषाचार्य विशेष फलदायी मान रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भी मकर संक्रांति से देवताओं का दिन प्रारंभ होता है, ऐसे में ग्रहों की यह अनुकूलता सांसारिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत देती है।
मेष राशि के जातकों के लिए यह संक्रांति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और नौकरी या व्यवसाय में कोई बड़ा अवसर हाथ लग सकता है। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बढ़ेगा और पुराने विवाद सुलझने के संकेत हैं। आर्थिक दृष्टि से यह समय निवेश के लिए अनुकूल माना जा रहा है, खासकर यदि योजनाबद्ध तरीके से निर्णय लिए जाएं। सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है।
वृषभ राशि वालों के लिए मकर संक्रांति विशेष रूप से लाभकारी बताई जा रही है। ग्रहों की स्थिति इस राशि के जातकों को आर्थिक मजबूती देने वाली है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अनुबंध या साझेदारी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी शुभ कार्य की रूपरेखा भी बन सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय राहत देने वाला रहेगा।
सिंह राशि के जातकों के लिए यह महासंयोग करियर में उन्नति के संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है। प्रमोशन या जिम्मेदारी में वृद्धि के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और संतान से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
तुला राशि के लिए मकर संक्रांति संतुलन और स्थिरता का संदेश लेकर आ रही है। ग्रहों की अनुकूलता के कारण मानसिक तनाव में कमी आएगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होंगे। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर पहचान मिलेगी, वहीं व्यवसायियों के लिए विस्तार के अवसर बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में समझदारी से लिए गए फैसले लाभदायक साबित होंगे। पारिवारिक संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और दांपत्य जीवन में सामंजस्य देखने को मिलेगा।
धनु राशि के जातकों के लिए यह संक्रांति भाग्य को मजबूती देने वाली मानी जा रही है। बृहस्पति की शुभ दृष्टि इस राशि पर विशेष प्रभाव डाल रही है, जिससे शिक्षा, शोध और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। नौकरी और व्यवसाय दोनों ही क्षेत्रों में नए अवसर सामने आ सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कुंभ राशि के लिए मकर संक्रांति परिवर्तन और प्रगति का प्रतीक बन सकती है। इस राशि के स्वामी शनि की अनुकूलता के कारण लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है। करियर में स्थिरता आएगी और मेहनत का फल मिलने लगेगा। व्यापार में नए प्रयोग सफल हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में सहयोग और समझ बढ़ेगी। सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं, जिससे नई पहचान बन सकती है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस महासंयोग का पूर्ण लाभ तभी मिल सकता है जब व्यक्ति कर्म और संयम के मार्ग पर चले। मकर संक्रांति के दिन दान, स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म ग्रहों के सकारात्मक प्रभाव को और अधिक मजबूत करते हैं। तिल, गुड़ और खिचड़ी का दान करने से शनि और सूर्य दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।
हालांकि ज्योतिषीय गणनाएं संकेत देती हैं कि यह संक्रांति कई राशियों के लिए शुभ है, लेकिन विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले विवेक और अनुभव का सहारा लेना जरूरी है। ग्रहों का प्रभाव मार्गदर्शन देता है, अंतिम परिणाम व्यक्ति के कर्म और प्रयासों पर ही निर्भर करता है। फिर भी मकर संक्रांति पर बन रहा यह दुर्लभ महासंयोग उम्मीद और सकारात्मकता का संदेश दे रहा है।
इस तरह मकर संक्रांति 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संभावनाओं का नया अध्याय बनकर सामने आ रही है। ग्रहों की अनुकूल चाल और धार्मिक मान्यताओं का संगम छह राशियों के जीवन में नई रोशनी भर सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ज्योतिषीय महासंयोग किस तरह लोगों के जीवन में बदलाव लाता है, लेकिन फिलहाल आस्था, उम्मीद और कर्म के सहारे यह संक्रांति खास बनती नजर आ रही है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

