नई दिल्ली. विजय हजारे ट्रॉफी में भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी हैं. बड़ौदा की ओर से खेलते हुए हार्दिक पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ ऐसा विस्फोटक शतक जड़ा, जिसने मैच की पूरी तस्वीर ही बदल दी. मुश्किल हालात में क्रीज पर आए हार्दिक ने एक ही ओवर में पांच छक्के जड़कर न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि विरोधी टीम के हौसले भी पूरी तरह तोड़ दिए. उन्होंने 133 रनों की शानदार पारी खेलते हुए बड़ौदा को संकट से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचाया.
मैच की शुरुआत बड़ौदा के लिए बेहद खराब रही थी. शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए और एक समय टीम का स्कोर महज 71 रन पर पांच विकेट हो गया था. ऐसा लग रहा था कि विदर्भ की टीम पूरी तरह मैच पर कब्जा जमा चुकी है. गेंदबाज लगातार दबाव बना रहे थे और बड़ौदा की पारी बिखरती नजर आ रही थी. इसी नाजुक मौके पर हार्दिक पांड्या ने क्रीज संभाली और फिर जो हुआ, वह विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा.
हार्दिक ने शुरुआत में संयम दिखाया और हालात को समझते हुए पारी को संभाला. लेकिन जैसे ही उन्होंने लय पकड़ी, विदर्भ के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े. एक ओवर में पांच छक्के जड़कर उन्होंने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया. स्टेडियम में मौजूद दर्शक रोमांच से झूम उठे, जबकि विदर्भ के खिलाड़ी हैरान नजर आए. हार्दिक की इस आक्रामक बल्लेबाजी ने बड़ौदा की पारी में नई जान फूंक दी.
अपनी 133 रनों की पारी के दौरान हार्दिक पांड्या ने कुल 11 छक्के और 8 चौके जड़े. उनकी बल्लेबाजी में ताकत, टाइमिंग और आत्मविश्वास का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला. गेंदबाजों की लेंथ हो या लाइन, हार्दिक ने किसी को नहीं बख्शा. स्पिन हो या तेज गेंदबाजी, हर तरह की गेंद पर उन्होंने खुलकर शॉट लगाए और मैदान के चारों ओर रन बटोरे. खास बात यह रही कि उन्होंने केवल आक्रामक शॉट्स पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि जरूरत के मुताबिक सिंगल और डबल भी लेकर स्कोरबोर्ड को लगातार चलायमान रखा.
हार्दिक की इस पारी ने न सिर्फ बड़ौदा को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि मैच में उनकी टीम की पकड़ भी मजबूत कर दी. जहां एक समय बड़ौदा मुश्किल में दिख रही थी, वहीं हार्दिक के शतक के बाद टीम ने मुकाबले में वापसी कर ली. विदर्भ के गेंदबाज, जो शुरुआती सफलता से उत्साहित थे, हार्दिक की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने बेबस नजर आए. उनके चेहरे पर बढ़ता दबाव साफ झलक रहा था.
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह पारी हार्दिक पांड्या के आत्मविश्वास और मैच जिताने की क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है. घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन न सिर्फ टीम के लिए अहम होता है, बल्कि राष्ट्रीय चयन के लिहाज से भी काफी मायने रखता है. लंबे समय से चोटों और फिटनेस से जूझने के बाद हार्दिक का इस तरह फॉर्म में लौटना भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
मैच के बाद बड़ौदा के खेमे में खुशी का माहौल देखने को मिला. टीम प्रबंधन और साथी खिलाड़ियों ने हार्दिक की जमकर तारीफ की. उनका कहना था कि जिस तरह से हार्दिक ने दबाव में खेलते हुए जिम्मेदारी संभाली, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है. वहीं विदर्भ की टीम के लिए यह मुकाबला एक बड़ा सबक साबित हुआ, जहां मजबूत स्थिति में होने के बावजूद वे मैच पर पकड़ बनाए रखने में नाकाम रहे.
हार्दिक पांड्या की इस पारी को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. क्रिकेट प्रशंसकों ने उनके वीडियो क्लिप और शॉट्स को शेयर करते हुए जमकर तारीफ की. कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उनकी बल्लेबाजी को असाधारण बताया और कहा कि हार्दिक जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल सकते हैं.
विजय हजारे ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है. हार्दिक पांड्या का यह शतक न सिर्फ बड़ौदा के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में भी शुमार हो गया.
कुल मिलाकर, विदर्भ के खिलाफ हार्दिक पांड्या की यह तूफानी पारी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार लम्हा बन गई. जब टीम संकट में थी, तब हार्दिक ने मोर्चा संभाला और अपने दमदार शॉट्स से मैच की कहानी ही बदल दी. विजय हजारे ट्रॉफी में यह मुकाबला लंबे समय तक हार्दिक पांड्या के साहस, आत्मविश्वास और विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए याद किया जाएगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

