जबलपुर. नए साल की शुरुआत के साथ ही जबलपुर और आसपास के जिलों में सर्दी अपने चरम पर पहुंच गई है. लगातार गिरते तापमान, घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है. मौसम विभाग ने जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, कटनी, सिवनी और दमोह सहित आसपास के इलाकों के लिए अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो जाने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, वहीं आम लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है.
शनिवार सुबह जबलपुर में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. रेलवे ट्रैक के आसपास भी कोहरे का असर देखा गया, जिससे कुछ ट्रेनों के संचालन पर आंशिक प्रभाव पड़ा. ठंडी हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है. ठंड का असर सबसे ज्यादा सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों, रिक्शा चालकों, सफाईकर्मियों और विद्यार्थियों पर दिखाई दे रहा है.
शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिहायशी इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए. सोशल मीडिया पर भी जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों की धुंध भरी सड़कों, कोहरे में लिपटे पुलों और अलाव तापते लोगों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग ठंड को लेकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं. कई स्थानों पर सुबह देर तक सूर्य के दर्शन नहीं हो पाए, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है. जबलपुर संभाग में अगले 48 घंटों तक हालात में खास सुधार की संभावना नहीं है. विभाग ने विशेष रूप से सुबह और रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी है. कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है.
कड़ाके की ठंड का असर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है. सुबह के समय बाजार देर से खुल रहे हैं, जबकि शाम ढलते ही सड़कों पर चहल-पहल कम हो जा रही है. गर्म कपड़ों, कंबल, स्वेटर और हीटर की मांग में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. फुटपाथ पर रहने वाले जरूरतमंदों के लिए ठंड बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि कुछ सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था की जा रही है, जिससे गरीब और बेसहारा लोगों को राहत मिल सके.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. ठंडी हवाओं और अचानक तापमान में गिरावट के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है.
प्रशासन और यातायात विभाग भी मौसम को देखते हुए सतर्क नजर आ रहे हैं. प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और वाहन चालकों को लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के माध्यम से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. खासकर हाईवे और कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है.
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि ठंड का यह दौर अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है. ऐसे में आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और आवश्यक होने पर ही यात्रा करें. जबलपुर सहित पूरे संभाग में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं, जिससे आने वाले दिन भी ठिठुरन भरे रहने की संभावना जताई जा रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

