लम्हेटा बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक ने दो ई-रिक्शा को रौंदा मची चीख-पुकार

लम्हेटा बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक ने दो ई-रिक्शा को रौंदा मची चीख-पुकार

प्रेषित समय :20:47:58 PM / Sat, Jan 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. तिलवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले लम्हेटा बाईपास पर शनिवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर कहर बरपाते हुए दो सवारी ई-रिक्शा को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच हुई इस भीषण दुर्घटना ने बाईपास से गुजर रहे राहगीरों के दिल दहला दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था। लापरवाह ट्रक चालक ने सबसे पहले सड़क किनारे जा रहे एक सवारी ई-रिक्शा को पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिससे उसमें सवार यात्री सड़क पर इधर-उधर जा गिरे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए, लेकिन ट्रक की रफ्तार यहीं नहीं थमी। पहले ई-रिक्शा को रौंदने के बाद अनियंत्रित ट्रक कुछ ही दूरी पर मौजूद एक अन्य सवारी ई-रिक्शा से जा भिड़ा। इस दोहरी भिड़ंत के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया, जिससे मौके पर लंबा जाम लग गया और चीख-पुकार मच गई।

इस सड़क हादसे में दोनों ई-रिक्शा में सवार लगभग 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो सुबह के वक्त अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही तिलवारा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने सड़क पर पलटे हुए ट्रक को हटाने के लिए क्रेन की सहायता ली ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारू किया जा सके। सड़क पर चारों ओर कांच के टुकड़े और ई-रिक्शा का मलबा बिखरा हुआ था, जो इस हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि लम्हेटा बाईपास पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति अक्सर हादसों का सबब बनती है और शनिवार सुबह भी ट्रक चालक की इसी लापरवाही ने कई लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया।

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और पलट चुके वाहन के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। घायलों का उपचार शहर के निजी और सरकारी अस्पताल में जारी है, जहाँ कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। बाईपास पर सुबह के समय विजिबिलिटी और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए चालक को सावधानी बरतनी चाहिए थी, परंतु तेज रफ्तार के जुनून ने एक बार फिर मासूम यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। तिलवारा पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ट्रक चालक नशे में था या फिर वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी। इस घटना ने संस्कारधानी के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाईपास के आसपास रहने वाले लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में गति अवरोधक या भारी वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। शहर के बीचों-बीच हुए इस सड़क हादसे ने शनिवार की सुबह को दहशत में बदल दिया और इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण शांति बनी रही।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-