वाशिंगटन. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहा तनाव अब एक भीषण संघर्ष में बद गया है. अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है. पेंटागन के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने काराकास स्थित नेवी बेस पर हवाई हमला किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में एक के बाद एक 7 जोरदार धमाके सुने गए, जिससे पूरी राजधानी दहल उठी.
रक्षा मंत्री के घर को भी बनाया निशाना
इस हमले में सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के आवास को भी निशाना बनाया गया है. शनिवार तड़के करीब 2 बजे हुए इन हमलों के बाद काराकास के आसमान में धुएं के विशाल गुबार उठते देखे गए.
खिड़कियां हिल गईं, बिजली गुल
सीएनएन की टीम ने मौके से रिपोर्ट दी है कि पहला धमाका स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:50 बजे हुआ. सीएनएन की संवाददाता ओसमारी हर्नांडेज ने बताया, धमाका इतना जोरदार था कि मेरी खिड़की तक हिल गई. इन हमलों के तुरंत बाद काराकास के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई (ब्लैकआउट) और आसमान में कई लड़ाकू विमान उड़ते देखे गए. धमाकों की आवाज से दहशत में आए लोग रात को ही अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
ट्रंप ने दी थी चेतावनी: ड्रग कार्टेल पर होगा एक्शन
इस हमले की पृष्ठभूमि लंबे समय से तैयार हो रही थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला में सक्रिय कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक ड्रग कार्टेल चलाते हैं. अक्टूबर में ट्रंप ने सीआईए को वेनेजुएला के अंदर गुप्त ऑपरेशन चलाने की अनुमति दी थी ताकि ड्रग तस्करी और अवैध प्रवासियों को रोका जा सके. निकोलस मादुरो ने अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि अमेरिका की नजर वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार और खनिज संसाधनों पर है, इसलिए वे उनकी सरकार को गिराना चाहते हैं.
कैरेबियन सागर में भी एक्शन
अमेरिका इससे पहले भी कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी के शक में कई नावों पर हमले कर चुका है. अमेरिकी सेना के आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान में अब तक 30 हमलों में 107 लोग मारे जा चुके हैं. ट्रंप ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि मादुरो पर दबाव बनाने के लिए जमीनी हमले भी किए जा सकते हैं.

