प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है बड़ी सौगात पच्चीस साल पुराने नियमों में बदलाव की तैयारी

प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है बड़ी सौगात पच्चीस साल पुराने नियमों में बदलाव की तैयारी

प्रेषित समय :20:20:52 PM / Sun, Jan 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश सरकार ने नए साल के अवसर पर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं जिसके तहत पिछले पच्चीस वर्षों से चले आ रहे सेवा नियमों में आमूलचूल परिवर्तन करने की तैयारी की जा रही है. यह खबर सामने आते ही सरकारी महकमों और विशेषकर प्रोफेशनल नेटवर्क लिंक्डइन पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है जहाँ प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी संगठन इस कदम को मील का पत्थर बता रहे हैं.

शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग को उन पुराने नियमों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं जो वर्तमान समय की कार्यप्रणाली और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रासंगिक नहीं रह गए हैं. पच्चीस साल पहले बने ये नियम न केवल पदोन्नति की प्रक्रिया को जटिल बनाते थे बल्कि कई बार कर्मचारियों के वेतनमान और अन्य लाभों के आड़े भी आते थे जिससे उनमें असंतोष की स्थिति बनी रहती थी. प्रस्तावित बदलावों में मुख्य रूप से पदोन्नति की बाधाओं को दूर करने समयबद्ध वेतनवृद्धि सुनिश्चित करने और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

लिंक्डइन पर सक्रिय प्रदेश के विभिन्न विभागों के अधिकारियों का कहना है कि पुराने नियमों के कारण कई प्रतिभाशाली कर्मचारी एक ही पद पर वर्षों तक अटके रहते थे जिससे उनकी कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था. नए नियमों के लागू होने से न केवल प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता आएगी बल्कि कार्य संस्कृति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. सरकार का यह कदम उस समय आया है जब राज्य में प्रशासनिक सुधारों को लेकर लगातार मांग उठ रही थी और कर्मचारी संगठन समय-समय पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे.

इस निर्णय का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव शिक्षा स्वास्थ्य और पुलिस विभाग जैसे बड़े क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ेगा जहाँ नियमों की पेचीदगियों के कारण हजारों मामले लंबित पड़े हैं. जानकारों का मानना है कि यदि सरकार इन पच्चीस साल पुराने नियमों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार ढाल देती है तो इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि सरकारी कामकाज की गति भी तेज होगी.

लिंक्डइन पर इस विषय को लेकर हो रही बहसों में इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को डिजिटल गवर्नेंस और वर्क-फ्रॉम-होम जैसी स्थितियों को भी इन नए नियमों में जगह देनी चाहिए जो पच्चीस साल पहले अस्तित्व में नहीं थीं. कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस रुख का स्वागत करते हुए इसे एक साहसिक निर्णय बताया है और उम्मीद जताई है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है. सरकार की योजना है कि इस प्रक्रिया में उन सभी तकनीकी अड़चनों को हटाया जाए जो कर्मचारियों को न्यायालयों का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर करती थीं. इससे शासन पर पड़ने वाले मुकदमेबाजी के बोझ में भी कमी आएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी मेहनत का सम्मान करने के लिए ही इन पुराने ढर्रों को बदला जा रहा है.

कुल मिलाकर यह प्रस्तावित बदलाव मध्य प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है जिसका सीधा लाभ राज्य के लाखों परिवारों को मिलेगा. वर्तमान में सभी की नजरें सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे अंतिम मसौदे पर टिकी हैं जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता है. इस बदलाव से न केवल वरिष्ठता की सूची को अपडेट करने में मदद मिलेगी बल्कि उन युवाओं को भी सेवा में तेजी से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे जो नई तकनीक और ऊर्जा के साथ शासन व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकता है जो आज भी दशकों पुराने ब्रिटिशकालीन या शुरुआती दौर के नियमों के सहारे अपनी व्यवस्था चला रहे हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-