जबलपुर.भेड़ाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत अंधमूक बाईपास पर बीती रात बेखौफ नकाबपोश बदमाशों ने आतंक मचाते हुए एक रेत सप्लायर को अपना निशाना बनाया और कट्टे की नोक पर हजारों रुपये की नकदी सहित मोबाइल लूटकर रफूचक्कर हो गए. शहर के बाहरी रास्तों पर सुरक्षा के दावों के बीच हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस गश्त और कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित रेत सप्लायर अपने व्यावसायिक काम से वापस लौट रहा था, तभी सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर दो अज्ञात हमलावरों ने उसे बीच रास्ते में घेर लिया.
बदमाशों ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था और उनके पास घातक हथियार थे, जिससे स्पष्ट होता है कि वे पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम देने आए थे. जैसे ही सप्लायर ने विरोध करने की कोशिश की, बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और आतंकित कर दिया. भयभीत सप्लायर से बदमाशों ने जबरन पैंतालीस हजार रुपये की नकदी छीन ली और उसका मोबाइल फोन भी लूट लिया ताकि वह तुरंत किसी को सूचना न दे सके.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर अपनी बाइक से रफूचक्कर हो गए. पीड़ित ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर मुख्य मार्ग तक पहुँचकर राहगीरों की मदद ली और पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही भेड़ाघाट थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और आसपास के क्षेत्र में घेराबंदी शुरू की, लेकिन तब तक बदमाश पुलिस की पकड़ से बहुत दूर जा चुके थे. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. इस घटना के बाद से क्षेत्र के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधमूक बाईपास और उसके आसपास के लिंक रोड्स पर रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी और पुलिस पेट्रोलिंग का अभाव होने के कारण यह इलाका अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है. इससे पहले भी इस मार्ग पर छिटपुट लूट और छिनैती की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन कट्टे की नोक पर बड़ी रकम की लूट ने पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन नकाबपोश लुटेरों की पहचान करना है, क्योंकि उनके चेहरे ढके होने के कारण प्रत्यक्षदर्शियों से कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है. पुलिस विभाग अब मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर उन आदतन अपराधियों की धरपकड़ कर रहा है जो पूर्व में इसी तरह की लूट की वारदातों में शामिल रहे हैं.
शहर में बढ़ते अपराधों के ग्राफ ने नागरिक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. बाईपास जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर जहां चौबीसों घंटे वाहनों का आवागमन रहता है, वहां इस तरह की घटना होना अपराधियों के हौसले बुलंद होने का प्रमाण है. जबलपुर पुलिस अब पेट्रोलिंग गाड़ियों की संख्या बढ़ाने और संवेदनशील पॉइंट्स पर पिकेट्स लगाने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम कसी जा सके. फिलहाल, पुलिस की कई टीमें शहर के एग्जिट गेट्स और टोल नाकों पर लगे कैमरों की मदद से संदिग्धों की शिनाख्त करने की कोशिश में जुटी हैं, जबकि पीड़ित और उसका परिवार इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि पुलिस इन शातिर अपराधियों तक कब तक पहुँच पाती है और लूटी गई रकम बरामद होती है या नहीं.
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