जबलपुर: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के सितम से जनजीवन बेहाल तापमान में भारी गिरावट के साथ येलो अलर्ट जारी

जबलपुर: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के सितम से जनजीवन बेहाल तापमान में भारी गिरावट के साथ येलो अलर्ट जारी

प्रेषित समय :21:02:31 PM / Sun, Jan 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. शहर और आसपास के क्षेत्रों में नए साल के पहले सप्ताह में ही प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है जहाँ कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने पूरे संभाग को अपनी आगोश में ले लिया है. आज 4 जनवरी 2026 की शाम 8:44 बजे तक शहर का तापमान गिरकर न्यूनतम स्तर की ओर अग्रसर है जिससे समूचा जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के बीच शनिवार की रात से ही शुरू हुआ कोहरे का तांडव रविवार को भी दिन भर जारी रहा और स्थिति यह रही कि दोपहर के समय भी सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए. दृश्यता यानी विजिबिलिटी का स्तर गिरकर 50 मीटर से भी कम दर्ज किया गया है. जिसके चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है. हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर रेंगने को मजबूर हैं. ठंड का यह आलम है कि शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और लोग अपने घरों में दुबकने को विवश हो गए हैं. प्रशासन ने शीतलहर और कोहरे की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

ठंड और कोहरे का सबसे व्यापक असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है खासकर भारतीय रेलवे का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया है. जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली और यहाँ से शुरू होने वाली लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं. उत्तर भारत की ओर से आने वाली ट्रेनें कोहरे के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं जिससे यात्री स्टेशन पर ठिठुरने को मजबूर हैं. यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की लेटलतीफी ने रेल प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है. केवल रेलवे ही नहीं बल्कि सड़क परिवहन और हवाई सेवाओं पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है. डुमना एयरपोर्ट पर खराब विजिबिलिटी के कारण उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा है. शहर के भीतर भी ऑटोरिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहनों की संख्या कम रही जिससे कामकाजी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कोहरे की घनी चादर ने पर्यटन स्थलों जैसे भेड़ाघाट और बरगी बांध की रौनक को भी कम कर दिया है जहाँ सैलानियों की आमद में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और उत्तर की ओर से आ रही ठंडी हवाओं ने जबलपुर संभाग में नमी का स्तर बढ़ा दिया है जिससे घना कोहरा बन रहा है.  शाम 8:44 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और आने वाले कुछ घंटों में पारा और अधिक गिरने की संभावना व्यक्त की गई है. इस कड़ाके की ठंड ने सबसे ज्यादा मुश्किल उन लोगों के लिए खड़ी कर दी है जो खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. हालांकि नगर निगम द्वारा रैन बसेरों के इंतजाम किए गए हैं और विभिन्न चौराहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं लेकिन ठंड की तीव्रता के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं. अस्पतालों में भी सर्दी-जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है. डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को इस जानलेवा ठंड से बचने की सलाह दी है. कृषि क्षेत्र की बात करें तो यह कोहरा रबी की फसलों के लिए कहीं संजीवनी तो कहीं चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि अत्यधिक नमी से फसलों में कीट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है.

जबलपुर शहर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में भी शाम होते ही सन्नाटा पसरा दिखाई दिया जहाँ आम तौर पर रविवार को भारी भीड़ रहती थी वहां आज केवल इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए. कमानिया गेट फुहारा और सदर जैसे मुख्य बाजारों में व्यापारियों ने ठंड के कारण अपनी दुकानें समय से पहले ही बढ़ा दीं. सोशल मीडिया पर भी जबलपुर विंटर और फॉग अलर्ट जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं जहाँ लोग अपने इलाकों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं. आने वाले 24 से 48 घंटों में मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है और विभाग का अनुमान है कि कोहरे का घनत्व और बढ़ सकता है. प्रशासन ने स्कूलों के समय में परिवर्तन करने पर भी विचार शुरू कर दिया है ताकि बच्चों को सुबह की जानलेवा ठंड से बचाया जा सके. फिलहाल जबलपुरवासी इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेल रहे हैं और सभी को अब बस गुनगुनी धूप का इंतजार है जो इस सर्द मौसम से कुछ राहत दिला सके. स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है ताकि कोहरे के कारण होने वाली संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों को सुरक्षित सफर सुनिश्चित कराया जा सके.

चेतावनी (Warning)                                                 स्थानिक वितरण    प्रभावित जिले
अति घना कोहरा और शीतल दिन (Severe Cold Day)    कहीं-कहीं              दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी
अति घना कोहरा (Very Dense Fog)                            कहीं-कहीं              ग्वालियर, सतना, पन्ना
घना कोहरा (Dense Fog)                                            कहीं-कहीं              भिंड, मुरैना, रीवा, मऊगंज, जबलपुर, नरसिंहपुर
मध्यम कोहरा और शीतल दिन (Cold Day)                     कहीं-कहीं             राजगढ़, उमरिया
मध्यम कोहरा (Moderate Fog)                                   कहीं-कहीं              भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, कटनी, दमोह, सागर, मैहर
वैधता: 5 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-