नई दिल्ली। लोकप्रिय बिज़नेस रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया अपने पांचवें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौट आया है और शुरुआत से पहले ही इसका माहौल काफी गर्म नजर आ रहा है। शो के नए सीजन का प्रोमो सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बार निवेशकों यानी ‘शार्क्स’ के सवाल पहले से ज्यादा तीखे और सख्त दिख रहे हैं। प्रोमो में एक पिचर को खुद को डॉक्टर बताना इतना भारी पड़ गया कि उसे अनुपम मित्तल और अमन गुप्ता की तीखी फटकार का सामना करना पड़ा।
प्रोमो में दिखाया गया है कि जयपुर से आए एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पिचर मनोज दास खुद को ‘डॉ. मनोज दास’ बताते हैं। वह अपनी पहचान एक नेचुरोपैथ और अरोमाथेरेपी स्पेशलिस्ट के रूप में कराते हैं। हालांकि, बातचीत आगे बढ़ने पर यह साफ होता है कि वह मेडिकल डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि अरोमाथेरेपी में पढ़ाई कर रहे हैं। यही बात शार्क्स को खटक जाती है और पिचर की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगते हैं।
शो के दौरान कुणाल बहल पिचर से उनके बिज़नेस की ऑनलाइन रेटिंग और रिव्यू दिखाने को कहते हैं। मनोज दास बताते हैं कि उनकी वेबसाइट पर 3.5 की रेटिंग है और कुल 50 रिव्यू मौजूद हैं। इस पर अनुपम मित्तल हैरानी जताते हुए सवाल उठाते हैं कि अगर पिचर का दावा है कि वह 5 करोड़ रुपये तक का इन्वेंटरी बेच चुका है, तो फिर महज 50 रिव्यू कैसे संभव हैं। अनुपम सीधे तौर पर यह शंका जाहिर करते हैं कि कहीं ये रिव्यू पैसे देकर तो नहीं करवाए गए हैं। पिचर इस आरोप को सिरे से खारिज करते हैं, लेकिन उनकी सफाई शार्क्स को संतुष्ट नहीं कर पाती।
अमन गुप्ता भी बातचीत में दखल देते हुए कहते हैं कि “कुछ गड़बड़ है, सर।” माहौल तब और तनावपूर्ण हो जाता है जब अनुपम मित्तल तीखे अंदाज़ में पूछ बैठते हैं, “तुम क्या कांड करने आए हो?” यह डायलॉग प्रोमो में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है और दर्शकों के बीच इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
शार्क टैंक इंडिया का यह सीजन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें निवेशक न सिर्फ बिज़नेस मॉडल, बल्कि पिचर की योग्यता, पृष्ठभूमि और नैतिकता पर भी बारीकी से सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। शो के निर्माताओं के मुताबिक, इस बार फोकस सिर्फ आइडिया पर नहीं, बल्कि उस व्यक्ति पर भी है जो उस आइडिया को आगे बढ़ा रहा है। प्रोमो में साफ झलकता है कि बिना ठोस तथ्यों और सही जानकारी के शार्क्स को प्रभावित करना आसान नहीं होगा।
शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में अशनीर ग्रोवर की बेबाक टिप्पणियों ने शो को जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई थी। अब सीजन 5 में अनुपम मित्तल और अमन गुप्ता उसी तीखेपन को और आगे ले जाते नजर आ रहे हैं। इस बार उनके सवाल सिर्फ बिज़नेस के आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पिचर की साख और दावों की सच्चाई को भी परख रहे हैं। यही वजह है कि शो का यह नया सीजन पहले से ज्यादा गंभीर और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
प्रोमो में यह भी संकेत मिलता है कि शार्क्स झूठे या भ्रामक दावों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। खुद को डॉक्टर बताने जैसे संवेदनशील मुद्दे पर शार्क्स की सख्ती यह संदेश देती है कि निवेश पाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी बेहद जरूरी है। खासकर हेल्थ और वेलनेस से जुड़े बिज़नेस में गलत जानकारी देना न सिर्फ निवेशकों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
शो में अनुपम मित्तल, अमन गुप्ता, नमिता थापर और कुणाल बहल जैसे अनुभवी निवेशक एक बार फिर नजर आने वाले हैं। इन सभी की अलग-अलग सोच और अनुभव पिचर्स के लिए चुनौती बनते हैं। प्रोमो के मुताबिक, इस सीजन में शार्क्स का रवैया ज्यादा आक्रामक और विश्लेषणात्मक है, जिससे कई पिचर्स को कठिन सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 की शुरुआत के साथ ही यह साफ हो गया है कि दर्शकों को सिर्फ बिज़नेस डील्स ही नहीं, बल्कि तीखी बहसें, सख्त सवाल और चौंकाने वाले पल भी देखने को मिलेंगे। पिचर मनोज दास के साथ हुई यह बातचीत शो की उसी सख्त और बिना समझौते वाली छवि को दर्शाती है, जिसे लेकर दर्शक उत्साहित हैं।
कुल मिलाकर, नए सीजन का प्रोमो यह संकेत देता है कि शार्क टैंक इंडिया अब सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जहां उद्यमिता के साथ-साथ ईमानदारी, योग्यता और जिम्मेदारी की भी कड़ी परीक्षा होती है। आने वाले एपिसोड्स में और कितने पिचर्स इस कसौटी पर खरे उतरते हैं और कितनों को शार्क्स की फटकार झेलनी पड़ती है, यह देखना दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प होने वाला है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

