मुंबई। भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान बन चुकी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपने करियर की चमक-दमक से आगे बढ़ते हुए अब रचनात्मक प्रतिभाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने ‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ नामक एक विशेष पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के फिल्मकारों, तकनीशियनों और रचनात्मक पेशेवरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सिनेमा की बारीकियों से परिचित कराना है। यह पहल न सिर्फ अभिनय तक सीमित है, बल्कि फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया को समझने और उसे ज़मीन पर लागू करने का अवसर देने वाली मानी जा रही है।
दीपिका पादुकोण ने इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा में अपार प्रतिभा है, लेकिन कई बार सही मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव के अभाव में युवा रचनात्मक लोग अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाते। ‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ उसी खाली जगह को भरने का प्रयास है। इस पहल के तहत प्रतिभागियों को वास्तविक फिल्म सेट पर काम करने, अनुभवी पेशेवरों के साथ संवाद करने और कैमरे के सामने व पीछे दोनों पक्षों की समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
फिल्म इंडस्ट्री में लगभग दो दशकों का अनुभव रखने वाली दीपिका पादुकोण ने अपने करियर के दौरान न सिर्फ अभिनय की बारीकियों को सीखा, बल्कि फिल्म निर्माण के हर पहलू को करीब से देखा है। बड़े बजट की फिल्मों से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स तक, उन्होंने अलग-अलग कार्यशैलियों और संस्कृतियों में काम किया है। इसी अनुभव को साझा करने की भावना से उन्होंने इस कार्यक्रम की नींव रखी है। उनका मानना है कि सिनेमा केवल सितारों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले लेखक, निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, एडिटर, प्रोडक्शन डिजाइनर और तकनीकी टीम ही किसी फिल्म की असली ताकत होते हैं।
‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान न देकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिले। इसमें चयनित उम्मीदवारों को फिल्म सेट की दिनचर्या, अनुशासन, समय प्रबंधन, रचनात्मक सहयोग और दबाव में निर्णय लेने जैसी चुनौतियों से रूबरू कराया जाएगा। यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी माना जा रहा है, जो फिल्म स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्री में प्रवेश करना चाहते हैं या जो बिना औपचारिक प्रशिक्षण के सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
दीपिका पादुकोण ने कहा कि उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में सेट पर बहुत कुछ सीखा, जो किसी किताब या कक्षा में संभव नहीं था। कैमरे के सामने खड़े होने से पहले और बाद में क्या होता है, एक सीन को तैयार करने में कितनी मेहनत लगती है, और एक टीम के रूप में कैसे काम किया जाता है—ये सभी बातें अनुभव से ही समझ में आती हैं। इसी सोच के साथ यह कार्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि नई पीढ़ी को वही सीख थोड़े कम संघर्ष के साथ मिल सके।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई वरिष्ठ लोगों ने दीपिका की इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि जब स्थापित कलाकार इस तरह की जिम्मेदारी लेते हैं, तो इससे पूरे उद्योग को फायदा होता है। भारतीय सिनेमा तेजी से बदल रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के साथ नए तरह की कहानियों और तकनीकी दक्षता की जरूरत भी बढ़ी है। ऐसे समय में ‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ जैसी पहल भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकती है।
इस कार्यक्रम के जरिए दीपिका पादुकोण एक तरह से मेंटर की भूमिका में भी नजर आ रही हैं। वह न सिर्फ प्रतिभागियों को प्रेरित करेंगी, बल्कि उन्हें यह भी समझाने का प्रयास करेंगी कि सिनेमा में सफलता केवल लोकप्रियता से नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, अनुशासन और टीमवर्क से मिलती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, रचनात्मक दबाव और संतुलित जीवन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी, जो आज के दौर में फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं।
दीपिका पादुकोण पहले भी सामाजिक और पेशेवर मुद्दों पर खुलकर बात करती रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उनका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। अब ‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ के जरिए वह रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में भी एक स्थायी योगदान देने की कोशिश कर रही हैं। यह पहल इस बात का संकेत है कि वह सिनेमा को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में देखती हैं।
कार्यक्रम को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई फिल्म छात्रों और स्वतंत्र फिल्मकारों ने इसे एक सुनहरा अवसर बताया है। उनका कहना है कि किसी बड़े कलाकार के अनुभव से सीधे सीखना और वास्तविक सेट पर काम करने का मौका मिलना उनके करियर को नई दिशा दे सकता है। माना जा रहा है कि कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया और चयन मानदंड को भी पारदर्शी और समावेशी रखा जाएगा, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाशाली युवा इसमें भाग ले सकें।
कुल मिलाकर, ‘द ऑनसेट प्रोग्राम’ को भारतीय सिनेमा के भविष्य में निवेश के रूप में देखा जा रहा है। दीपिका पादुकोण की यह पहल दिखाती है कि एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ वह इंडस्ट्री की संरचना और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए भी गंभीर हैं। आने वाले समय में यह कार्यक्रम कितने नए फिल्मकारों को दिशा देता है, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन इतना तय है कि इस पहल ने रचनात्मक युवाओं के लिए उम्मीद का एक नया दरवाज़ा खोल दिया है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

