नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चयन ने एक बार फिर से क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस छेड़ दी है, जब कप्तान और टेस्ट-ओडीआई स्टार शुभमन गिल को टी20 विश्व कप स्क्वाड से बाहर कर दिया गया। गिल का नाम इस टूर्नामेंट से हटाए जाने के फैसले ने कई क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों को चौंका दिया, लेकिन भारतीय क्रिकेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों की गहराई को उजागर करने वाला कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, गिल की इस फैसले के पीछे उनकी हालिया फॉर्म है। उन्होंने सितंबर में टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी की थी, लेकिन तब से उनकी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 15 पारियों में गिल ने कुल 291 रन बनाए, जिसमें उनकी सर्वोच्च पारी 47 रन की रही। इस समय में भारत के कई युवा और अनुभवी बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए गहन प्रतिस्पर्धा पैदा हुई। चयनकर्ताओं ने निर्णय लिया कि इस बार टीम की स्थिरता और फॉर्म के आधार पर आगे बढ़ना अधिक उचित है।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने गिल के बाहर किए जाने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी हालिया फॉर्म भले ही कुछ खास नहीं रही हो, लेकिन गिल की गुणवत्ता और क्षमता को नकारा नहीं जा सकता। पोंटिंग ने आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा, “हां, मुझे विश्वास नहीं हुआ कि वह बाहर रह गए। मैंने हाल ही में उन्हें इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में खेलते देखा, और वह उस समय बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे। यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट में कितनी प्रतिभा मौजूद है। ऐसे खिलाड़ी भी होते हैं, जिनकी गुणवत्ता इतनी है कि वे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर रह सकते हैं।”
पोंटिंग ने आगे कहा कि गिल का बाहर रहना भारतीय क्रिकेट की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “अगर आप सोच सकते हैं कि शुभमन गिल जैसी प्रतिभा वाले खिलाड़ी को विश्व कप स्क्वाड में नहीं चुना गया, तो यह बताता है कि कितने अच्छे खिलाड़ी इस टीम के पास हैं। यह भारतीय क्रिकेट की गहराई का परिचायक है।”
इस फैसले के साथ ही टीम ने नई रणनीति अपनाते हुए अक्सर पटेल को नए उपकप्तान के रूप में नियुक्त किया। गिल पहले सूर्यकुमार यादव के डिप्टी थे। पोंटिंग ने अक्सर के चयन और टीम में उनकी भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अक्सर लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम के लिए अहम साबित हुए हैं। उन्होंने कहा, “पिछली कुछ सीरीज में अक्सर को विभिन्न समय पर पिन्च हिटर के रूप में इस्तेमाल किया गया है। उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी कराई गई और जब भी टीम को लेफ्ट हैंड-राइट हैंड संयोजन की जरूरत पड़ी, उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। साथ ही उनकी लेफ्ट-आर्म ऑफ स्पिन भी हमेशा भरोसेमंद रही है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि शुभमन गिल का बाहर होना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि टीम की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। चयनकर्ताओं ने पिछले प्रदर्शन, मैच की परिस्थितियों और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया। यह कदम दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट अब प्रदर्शन आधारित चयन पर अधिक जोर दे रहा है और किसी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा या अनुभव केवल निर्णायक नहीं है।
गिल की अनुपस्थिति ने टीम के ओपनिंग और मध्यक्रम के संयोजन में नए विकल्पों को जन्म दिया है। अक्सर के उपकप्तान बनने और टीम में उनकी भूमिका को बढ़ाए जाने के साथ ही भारतीय टीम अब बैक-टू-बैक टी20 विश्व कप जीतने के लिए और मजबूत दिख रही है। पोंटिंग के अनुसार, अक्सर की हर स्थिति में लगातार प्रदर्शन और टीम के लिए खेलने की क्षमता भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कई लोगों ने गिल की क्षमता और भविष्य की संभावना पर भरोसा जताया, जबकि कुछ ने कहा कि चयनकर्ता टीम की वर्तमान जरूरतों के अनुसार सही निर्णय ले रहे हैं। भारतीय क्रिकेट के लिए यह संदेश भी है कि युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए और मौजूदा खिलाड़ियों को अपनी फॉर्म बनाए रखना आवश्यक है।
टी20 विश्व कप के लिए टीम चयन का यह निर्णय यह भी दर्शाता है कि भारतीय टीम अब खेल के हर प्रारूप में उत्कृष्टता और प्रदर्शन पर अधिक फोकस कर रही है। गिल की अनुभवी पारी और टेस्ट तथा वनडे कप्तानी की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान समय में टी20 फॉर्म और सामरिक जरूरतों को प्राथमिकता दी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि गिल के बाहर रहने से उनकी व्यक्तिगत प्रेरणा बढ़ सकती है और आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे अपनी क्षमता साबित करने के लिए और मेहनत करेंगे। भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र है कि किसी भी खिलाड़ी को स्थायी स्थान बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना पड़ता है।
कुल मिलाकर शुभमन गिल का टी20 विश्व कप स्क्वाड से बाहर रहना भारतीय क्रिकेट की बढ़ती गहराई, रणनीतिक दृष्टिकोण और खिलाड़ियों के बीच प्रतियोगिता की वास्तविकता को दर्शाता है। यह निर्णय यह भी स्पष्ट करता है कि भारतीय टीम अब केवल प्रतिष्ठा या अनुभव पर भरोसा नहीं करती, बल्कि वर्तमान फॉर्म, टीम संतुलन और रणनीति को सर्वोपरि मानती है। गिल के लिए यह चुनौती है कि वे अपने खेल में सुधार करके भविष्य में एक बार फिर टीम में वापसी करें और भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इस फैसले के साथ ही टीम में नए संयोजन और नेतृत्व विकल्प सामने आए हैं, जो आगामी टी20 विश्व कप में भारत की सफलता की संभावनाओं को और मजबूत करेंगे। पोंटिंग की टिप्पणियों से भी स्पष्ट है कि भारतीय टीम के पास इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं कि किसी भी खिलाड़ी की अनुपस्थिति से टीम की ताकत कम नहीं होती, बल्कि प्रतिस्पर्धा और तैयारी का स्तर और बढ़ जाता है।
इस प्रकार शुभमन गिल का बाहर होना न केवल व्यक्तिगत खेल यात्रा में एक मोड़ है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की सामरिक सोच, युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश और टीम की तैयारी को भी उजागर करता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

