एसआईआर के बाद यूपी में नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, करें चेक

एसआईआर के बाद यूपी में नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम हटे, लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, करें चेक

प्रेषित समय :16:37:21 PM / Tue, Jan 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की नई ड्राफ्ट लिस्ट आज मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को जारी कर दी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिहीन बनाना है. इस प्रक्रिया में प्रदेश भर से कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जो कि कुल पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 18.70 प्रतिशत है.

वोटर लिस्ट में बड़ी कटौती के मुख्य आंकड़े

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि विभाग को लगभग 12.5 करोड़ मतपत्र  प्राप्त हुए थे. गहन जांच के बाद आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखी गई है.

मृतक मतदाता: लगभग 46.23 लाख मतदाताओं के नाम मृत्यु के कारण हटाए गए हैं.
स्थानांतरित और लापता: करीब 2.17 करोड़ मतदाता ऐसे पाए गए जो या तो अपना मूल निवास छोड़ चुके हैं, लापता हैं या अनुपस्थित रहते हैं.
दोहरा पंजीकरण: 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए, जिन्हें अब हटा दिया गया है.

ड्राफ्ट लिस्ट के बाद अब ये करें

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अभी केवल ड्राफ्ट (आलेख्य) सूची है. जिन नागरिकों के नाम इस सूची में शामिल नहीं हैं या जिनमें कोई त्रुटि है, उन्हें सुधार का मौका दिया जाएगा.

दावे और आपत्तियां: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक नागरिक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.

नया नाम जोडऩा: जो लोग 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं.

अंतिम प्रकाशन: सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव

इस पुनरीक्षण अभियान का सबसे ज्यादा असर लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में देखने को मिला है.  अकेले लखनऊ में ही लाखों मतदाताओं के नाम सूची से कटे हैं. अधिकारियों का कहना है कि शहरी आबादी में पलायन और शिफ्टिंग अधिक होने के कारण यहां नाम कटने की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-