अहमदाबाद। नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) से संबद्ध नरनारायण शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी – इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी (एनएसआईटी-आईएफएससीएस) में 31 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर की क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन प्रतियोगिता “सत्य समाधान 2.0” का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थी भाग लेंगे।
आयोजन की तैयारियों को लेकर एनएसआईटी-आईएफएससीएस में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेश अय्यर की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विभिन्न समितियों के सदस्यों और संकाय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रतियोगिता की रूपरेखा, संचालन व्यवस्था, प्रतिभागियों के मूल्यांकन मानदंड और लॉजिस्टिक प्रबंधन पर चर्चा की गई।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शैलेश अय्यर ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की अपराध स्थल जांच से जुड़ी व्यावहारिक समझ, विश्लेषण क्षमता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क को परखना है। प्रतियोगिता वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किए गए सिम्युलेटेड क्राइम सीन पर आधारित होगी, जिससे प्रतिभागियों को फील्ड-लेवल अनुभव प्राप्त हो सके।
प्रतियोगिता समन्वयक डॉ. गीता गुप्ता और सह-समन्वयक एरोमल वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि यह आयोजन ऑफलाइन मोड में एनएसआईटी-आईएफएससीएस, स्वामीनारायण गुरुकुल परिसर, जेतलपुर, गुजरात में किया जाएगा। प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में ऑनलाइन क्विज राउंड होगा, जिसमें केवल टीम लीडर भाग लेगा और क्यूआर कोड के माध्यम से प्रश्न हल किए जाएंगे। इस चरण में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 20 टीमों का चयन किया जाएगा।
दूसरे चरण में चयनित टीमों को एक सीक्रेट टास्क सौंपा जाएगा, जिसमें फॉरेंसिक ज्ञान, समस्या-समाधान क्षमता, रचनात्मक दृष्टिकोण और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस चरण से शीर्ष 10 टीमें अंतिम दौर में प्रवेश करेंगी। अंतिम चरण में क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन राउंड आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी टीम सदस्यों की भागीदारी अनिवार्य होगी। प्रतिभागियों को एक सिम्युलेटेड अपराध स्थल का निरीक्षण कर विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करनी होगी और निर्णायकों के प्रश्नों का उत्तर देना होगा।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक टीम में पांच सदस्यों का होना अनिवार्य है। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थी इसमें भाग ले सकते हैं। पंजीकरण केवल टीम लीडर द्वारा किया जाएगा और प्रवेश के समय मान्य कॉलेज पहचान पत्र अनिवार्य रहेगा। पंजीकरण प्रतियोगिता के ब्रॉशर में दिए गए गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से किया जा सकता है।
कैंपस डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए कुल 35 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 20 हजार रुपये और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जबकि विजेता और उपविजेता टीमों को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिता के संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जिनमें संकाय सदस्यों के साथ-साथ विद्यार्थी सहयोगी भी शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जांच प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में फॉरेंसिक क्षेत्र में उनके पेशेवर विकास के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।l
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

