शिवसेना विधायक संतोष बांगर का चौंकाने वाला ऐलान, उनके उम्मीदवार को हराने वाले को देंगे 71 लाख रुपये का इनाम

शिवसेना विधायक संतोष बांगर का चौंकाने वाला ऐलान, उनके उम्मीदवार को हराने वाले को देंगे 71 लाख रुपये का इनाम

प्रेषित समय :21:48:01 PM / Fri, Jan 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले शिवसेना विधायक संतोष बांगर ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हिंगोली के कलमनुरी से विधायक बांगर ने आगामी जिला परिषद चुनावों को लेकर एक ऐसी घोषणा की है जिसने न केवल विपक्ष बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया है। विधायक ने सार्वजनिक रूप से यह चुनौती पेश की है कि जो कोई भी उनके द्वारा खड़े किए गए उम्मीदवार को आगामी जिला परिषद चुनाव में शिकस्त देगा उसे वह अपनी ओर से 71 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देंगे। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग द्वारा जिला परिषद चुनावों के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है लेकिन बांगर के इस बयान ने राज्य के चुनावी माहौल को समय से पहले ही गर्मा दिया है। पत्रकारिता के नजरिए से देखा जाए तो यह बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं और चुनाव आचार संहिता के संभावित उल्लंघन की सीमाओं को छूता नजर आ रहा है क्योंकि सीधे तौर पर हार-जीत पर बड़ी रकम का दांव लगाना एक नई और खतरनाक परंपरा की ओर इशारा करता है।

संतोष बांगर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे अपने समर्थकों और विरोधियों के बीच आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घोषणा वास्तव में इनाम देने की मंशा से ज्यादा अपने विरोधियों को मनोवैज्ञानिक रूप से डराने और अपनी जीत के प्रति अति-आत्मविश्वास दिखाने का एक तरीका है। बांगर ने इस दौरान यह भी साफ किया कि उन्हें अपनी जमीन और अपने कार्यकर्ताओं की ताकत पर पूरा भरोसा है और उन्हें लगता है कि उनके गढ़ में उन्हें मात देना नामुमकिन है। हालांकि विपक्ष ने इस बयान को लोकतंत्र का मजाक करार देते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग शुरू कर दी है। विरोधियों का तर्क है कि इस तरह के प्रलोभन या खुले चैलेंज चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को प्रभावित करते हैं और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भेजते हैं। महाराष्ट्र की सत्ताधारी राजनीति में इस बयान के बाद एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की वित्तीय घोषणाएं करना नैतिकता के दायरे में आता है।

यह पहली बार नहीं है जब संतोष बांगर अपने व्यवहार या बयानों के कारण सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वे अधिकारियों को धमकाने या सार्वजनिक कार्यक्रमों में विवादित टिप्पणी करने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। लेकिन 71 लाख रुपये की यह हालिया 'ऑफर' चुनावी राजनीति में धनबल के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करती है। स्थानीय स्तर पर जिला परिषद चुनाव काफी प्रतिष्ठा का विषय माने जाते हैं और ऐसे में एक विधायक का इस तरह का जुआ खेलना यह दर्शाता है कि स्थानीय राजनीति किस हद तक व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई बन चुकी है। फिलहाल इस बयान के बाद हिंगोली और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है और लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या कोई इस चुनौती को स्वीकार करता है या फिर यह केवल एक राजनीतिक पैंतरेबाजी बनकर रह जाएगा। रिपोर्ट लिखे जाने तक शिवसेना के वरिष्ठ नेतृत्व या चुनाव आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-