ईरान में बवाल, सरकार के विरोध में लोग सड़क पर उतरे, टेलीफोन-इंटरनेट की काटी गईं लाइन

ईरान में बवाल, सरकार के विरोध में लोग सड़क पर उतरे, टेलीफोन-इंटरनेट की काटी गईं लाइन

प्रेषित समय :09:58:47 AM / Fri, Jan 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

तेहरान. ईरान में करीब दो सप्ताह से जारी विरोध-प्रदर्शन अब काफी तेज और उग्र हो गए हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक ईरान के कई शहरों में हिंसक झड़प की खबरें सामने आई हैं. विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोग देश के सर्वोच्च नेता खामनेई के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. ईरान के मानवाधिकार एनजीओ (हृत्रह्र) का कहना है कि दिसंबर के आखिर में आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 45 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

बता दे, ईरान की मुद्रा लगातार गिरती जा रही है. महंगाई चरम पर है. गुरुवार देर रात ये प्रदर्शन उस समय उग्र हो गए जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंंस रेजा पहलवी ने लोगों से इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने की अपील की. इस अपील के बाद लोग सड़कों पर उतरे और रैलियां निकाली. इसी बीच सरकार ने बिगड़ते हालात को देखते हुए सुरक्षाबलों को स्थिति संभालने के लिए आदेश दिए. वहीं, राइट्स ग्रुप्स ने ईरानी सिक्योरिटी फोर्स पर प्रोटेस्ट करने वालों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है. गुरुवार को मरने वालों की संख्या बढ़ गई. यह कार्रवाई एक ऐसे आंदोलन पर की गई जो बढ़ती महंगाई के गुस्से से शुरू हुआ था और अब पूरे इस्लामिक रिपब्लिक में फैल गया है.

अभी तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ईरान के करीब 50 शहरों में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. सरकार ने इंटरनेत और टेलिफोन की लाइनें तत्काल प्रभाव से काट दी हैं. इस वजह से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई. एक तरफ जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है. वहीं, रजा पहलवी के समर्थन में लोग नारे लगा रहे हैं.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के हालात पर हमारी नजर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि हम हर उस इंसान के साथ खड़े हैं जो शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहा है और फ्री एसोसिएशन के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं. ईरानी सरकार में बहुत सारी समस्याएं हैं, और जैसा कि प्रेसिडेंट यूनाइटेड स्टेट्स ने कहा है, उनके लिए सबसे समझदारी की बात यह थी, जो आज भी सच है, कि वे यूनाइटेड स्टेट्स के साथ उनके न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में असल में बातचीत करें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-