आदित्य ठाकरे ने टीवी रिपोर्टर को बीच में रोकने पर जताई नाराजगी, मुंबई बीएमसी चुनाव में गरमा गया माहौल

आदित्य ठाकरे ने टीवी रिपोर्टर को बीच में रोकने पर जताई नाराजगी, मुंबई बीएमसी चुनाव में गरमा गया माहौल

प्रेषित समय :21:52:04 PM / Fri, Jan 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों की सरगर्मी के बीच शिवसेना (यूनाइटेड भवन ट्रस्ट) के विधायक आदित्य ठाकरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. शुक्रवार को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में हुए इस घटना में देखा गया कि आदित्य ठाकरे ने एक टीवी चैनल की महिला रिपोर्टर के लगातार सवाल पूछने पर गुस्सा जताया. यह सवाल मराठा गौरव के नाम पर लोगों को पीटने की घटनाओं पर आधारित था. ठाकरे ने रिपोर्टर को बीच में टोकने और निजी बातचीत में बाधा डालने पर आपत्ति जताई और कहा कि यह व्यवहार अनुचित है.

इस दौरान आदित्य ठाकरे एक वरिष्ठ संपादक से बातचीत कर रहे थे कि तभी रिपोर्टर ने उनके पास आकर सवाल करना शुरू कर दिया. ठाकरे ने पहले शांतिपूर्ण अंदाज में कहा कि वह निजी बातचीत में व्यस्त हैं और उनसे विनम्रता से अनुरोध किया कि वे सम्मानजनक ढंग से पेश आएं और बातचीत में दखल न दें. इसके बावजूद रिपोर्टर ने सवाल जारी रखा और पूछा कि "मराठा गौरव के नाम पर लोगों को पीटना क्या जायज है?" इस पर ठाकरे का धैर्य टूट गया और उन्होंने जवाब दिया, "यह क्या व्यवहार है? यह किस तरह का अपराध व्यवहार है?"

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड होते ही वायरल हो गया और दो घंटे के भीतर इसे 20,200 से अधिक बार देखा जा चुका है. घटना के समय बीएमसी चुनाव के प्रचार-प्रसार में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) की गठबंधन गतिविधियाँ जोरों पर थीं. 11 जनवरी को होने वाली संयुक्त रैली में विशाल भीड़ जुटने की संभावना है और यह राज्यभर में गठबंधन की ताकत दिखाने का अवसर माना जा रहा है.

वहीं अगले दिन शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा की अलग-अलग रैलियाँ आयोजित होंगी, जो अपने समर्थकों को जुटाने की क्षमता को परखेंगी. इस प्रकार शिवाजी पार्क मुंबई के सबसे closely watched नागरिक चुनावों के लिए मुख्य मैदान बन जाएगा. बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को मुंबई के 227 वार्डों में एक चरण में होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे.

इस घटना ने चुनावी माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मीडिया और नेताओं के बीच यह टकराव चुनावों के दौरान पत्रकारिता और राजनीतिक जवाबदेही के सवालों को और गंभीर बनाता है. आदित्य ठाकरे की नाराजगी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने युवाओं और मतदाताओं के बीच चर्चाओं को भी तेज कर दिया है.

बीएमसी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस का गठबंधन मुंबई में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इस गठबंधन के प्रचार के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में रैलियाँ और रोड शो किए जा रहे हैं. वहीं भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) अपने उम्मीदवारों की ताकत दिखाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष रैलियाँ आयोजित कर रहे हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, आदित्य ठाकरे के इस गुस्से वाले अंदाज से न केवल उनके समर्थकों को उत्साहित होने का मौका मिला है, बल्कि विपक्षी दलों को भी चुनावी रणनीति में बदलाव करने के लिए सोचने पर मजबूर किया है. वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है. कुछ लोग ठाकरे के व्यवहार को सही मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि नेताओं को मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.

मुंबई में बीएमसी चुनाव की सरगर्मी के बीच यह घटना राजनीतिक दलों और मतदाताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है. चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना की तैयारियों को लेकर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है. राजनीतिक पार्टियाँ अपने-अपने उम्मीदवारों और वार्डों में वोटरों को mobilize करने की कोशिश कर रही हैं.

इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती उम्मीदवारों के लिए यह होगी कि वे मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच और साख बनाए रखें. आदित्य ठाकरे और उनकी पार्टी इस मामले में सक्रिय हैं और अपने प्रचार अभियान में जोर दे रहे हैं कि गठबंधन के माध्यम से शहर के विकास और सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा.

इस घटना ने मीडिया और राजनीतिक नेतृत्व के बीच संवाद और व्यवहार के तरीकों पर भी बहस शुरू कर दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में नेताओं और मीडिया के बीच टकराव होना सामान्य है, लेकिन इसे सम्मानजनक तरीके से संभालना भी जरूरी है.

बीएमसी चुनाव में मुंबई के 227 वार्डों में मुकाबला बेहद करीबी रहने की संभावना है. आदित्य ठाकरे के वायरल वीडियो और उनके गुस्से वाले अंदाज ने मतदाताओं और समर्थकों के बीच चर्चा को तेज कर दिया है. आगामी चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे, जो तय करेंगे कि शहर की सत्ता किस गठबंधन के हाथ में जाएगी.

इस घटना के बाद आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट कर दिया है कि वे निजी बातचीत के दौरान किसी भी तरह के व्यवधान को बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस घटना ने बीएमसी चुनाव की गर्माहट को और बढ़ा दिया है और मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा कर दी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-