बांसवाड़ा में मौत का सफर, 16 सीटर जीप में 60 सवारियों को भर कर ड्राइवर ने दौड़ाई गाड़ी

बांसवाड़ा में मौत का सफर, 16 सीटर जीप में 60 सवारियों को भर कर ड्राइवर ने दौड़ाई गाड़ी

प्रेषित समय :22:21:30 PM / Sat, Jan 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बांसवाड़ा. राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र से रोंगटे खड़े कर देने वाला एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने यातायात सुरक्षा के दावों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक 16 सीटर सवारी जीप के भीतर और बाहर जिस तरह से करीब 60 यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया है, उसे देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। यह नजारा केवल खतरनाक ही नहीं बल्कि बेहद डरावना भी है क्योंकि जीप के भीतर तिल रखने की जगह नहीं है और दर्जनों लोग जीप की छत, पीछे लगी स्टेपनी, बोनट और यहां तक कि ड्राइवर के दरवाजे से लटककर अपनी जान जोखिम में डालते हुए सफर कर रहे हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस जानलेवा यात्रा में न केवल पुरुष बल्कि बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे मासूम बच्चे भी शामिल हैं जो अपनी मजबूरी या जागरूकता के अभाव में मौत के साये में सफर करने को मजबूर हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ड्राइवर तेज रफ्तार में जीप को दौड़ा रहा है जबकि उसे सामने के शीशे के अलावा कहीं और से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा होगा क्योंकि सवारियां हर तरफ से वाहन को घेरे हुए हैं।

इस दिल दहला देने वाले दृश्य ने प्रशासन और परिवहन विभाग की सक्रियता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद जब शासन-प्रशासन की चौतरफा किरकिरी हुई, तब कहीं जाकर स्थानीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की नींद टूटी और उन्होंने आनंदपुरी इलाके में छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) पंकज शर्मा के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर कई ओवरलोडेड वाहनों को रुकवाया और उनके चालान काटे। हालांकि अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में रोडवेज बसों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों की भारी कमी है, जिसके कारण ग्रामीण और गरीब जनता इन निजी वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह भरने को विवश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल चालान काटकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है जबकि क्षेत्र की वास्तविक समस्या परिवहन के सुलभ साधनों का न होना है।

राजस्थान का यह आदिवासी इलाका बुनियादी सुविधाओं के अभाव से लंबे समय से जूझ रहा है और परिवहन व्यवस्था का यह चरमराया हुआ ढांचा आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता है। जीप की हालत ऐसी है कि वाहन का संतुलन कभी भी बिगड़ सकता है और एक छोटी सी चूक दर्जनों परिवारों को उजाड़ सकती है। वायरल वीडियो में ड्राइवर की लापरवाही भी साफ झलक रही है जो बिना किसी सुरक्षा की परवाह किए हाई स्पीड में गाड़ी चला रहा है। प्रशासन ने अब उन सभी वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है जो नियमों की धज्जियां उड़ाकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि वे इस क्षेत्र में अतिरिक्त बसें चलाने के लिए भी उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजेंगे ताकि लोगों को ऐसी जोखिम भरी यात्रा न करनी पड़े।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद देशभर से लोग राजस्थान सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेर रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है? केवल चालान काटकर खानापूर्ति करना समस्या का समाधान नहीं है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल आनंदपुरी इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए नियमित चेकिंग की जा रही है, लेकिन सवाल अब भी वही बना हुआ है कि जब तक पर्याप्त बसें नहीं मिलेंगी, तब तक क्या ये ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर ऐसे ही सफर करते रहेंगे। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई कितनी स्थायी साबित होती है, यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इस वायरल वीडियो ने व्यवस्था की सबसे कमजोर कड़ी को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-