विराट कोहली का विराट धमाका, न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत की जीत और 301 रनों का लक्ष्य चेंज कर रचा इतिहास

विराट कोहली का विराट धमाका, न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत की जीत और 301 रनों का लक्ष्य चेंज कर रचा इतिहास

प्रेषित समय :21:57:28 PM / Sun, Jan 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में क्रिकेट के रोमांच की सारी हदें पार हो गईं जब भारतीय टीम ने विराट कोहली की तूफानी पारी के दम पर न्यूजीलैंड को पहले वनडे मुकाबले में 4 विकेट से धूल चटा दी। 301 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने एक समय अपने पांच महत्वपूर्ण विकेट खोकर गहरे संकट में फंसी हुई थी, लेकिन 'चेज मास्टर' विराट कोहली के अडिग इरादों और विस्फोटक बल्लेबाजी ने कीवी टीम के अरमानों पर पानी फेर दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और वडोदरा के हजारों दर्शकों को एक ऐसी यादगार जीत का गवाह बनाया जिसकी गूंज लंबे समय तक क्रिकेट के गलियारों में सुनाई देगी। मैच की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का साहसिक फैसला लिया था और कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हुए निर्धारित 50 ओवरों में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।

 तकनीकी समीक्षा के अनुसार, न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिशेल ने सर्वाधिक 84 रनों की शानदार पारी खेली, जिसकी बदौलत मेहमान टीम 300 का आंकड़ा पार करने में सफल रही। भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन कीवी मध्यक्रम ने अपनी ठोस बल्लेबाजी से स्कोर को 301 तक पहुँचा दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की वापसी को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन कीवी गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। एक के बाद एक पांच विकेट गिर जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से फिसल चुका है, लेकिन विराट कोहली ने एक छोर संभालते हुए न केवल पारी को संवारा बल्कि रन गति को भी कम नहीं होने दिया।

मैच का सबसे रोमांचक मोड़ तब आया जब कोहली ने अपने गियर बदले और मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बौछार कर दी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के पास कोहली के आक्रमण का कोई जवाब नहीं था। कोहली की इस तूफानी पारी ने न केवल स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों का जोश बढ़ाया बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी जीत का विश्वास जगा दिया। निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर कोहली ने छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं, जिन्होंने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। जब भारत को अंतिम कुछ ओवरों में तेजी से रनों की दरकार थी, तब कोहली के बल्ले से निकले कड़क प्रहारों ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। अंततः भारत ने 4 विकेट शेष रहते इस ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया और सीरीज का विजयी आगाज किया।

वडोदरा की पिच पर 300 से अधिक रनों का लक्ष्य हासिल करना कभी भी आसान नहीं रहा है, लेकिन आज भारतीय टीम ने सामूहिक प्रयास और विशेषकर विराट कोहली के व्यक्तिगत करिश्मे से यह साबित कर दिया कि घरेलू मैदान पर उन्हें हराना दुनिया की किसी भी टीम के लिए टेढ़ी खीर है। न्यूजीलैंड की टीम ने हालांकि गेंदबाजी में काफी दम दिखाया, लेकिन अंतिम क्षणों में कोहली की क्लास और अनुभव उन पर भारी पड़ गया। यह जीत भारतीय टीम के आत्मविश्वास को आसमान पर ले जाने वाली है, विशेषकर उन खिलाड़ियों के लिए जो चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। वडोदरा का बीसीए स्टेडियम आज पूरी तरह 'कोहली-कोहली' के नारों से गुंजायमान रहा और इस जीत ने आगामी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की तैयारियों पर मुहर लगा दी है।

इस शानदार प्रदर्शन के बाद अब दोनों टीमों की नजरें अगले मुकाबले पर टिकी होंगी, जहाँ न्यूजीलैंड सीरीज बचाने के इरादे से उतरेगा तो वहीं भारत इस लय को बरकरार रखते हुए सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगा। आज के मैच ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मध्यक्रम में विराट कोहली की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए कितनी अनिवार्य है, जो संकट के समय ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस जीत का श्रेय न केवल कोहली को जाता है बल्कि उन गेंदबाजों को भी जिन्होंने कीवी टीम को 325-330 तक पहुँचने से रोका। वडोदरा की इस ऐतिहासिक जीत ने साल 2026 की शुरुआत को भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बना दिया है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-