ओडिशा के एक व्यस्त सिनेमाघर में उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया जब दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास की नवनिर्मित फिल्म 'द राजा साब' के प्रदर्शन के दौरान भीषण आग लग गई। 9 जनवरी को फिल्म की रिलीज के साथ ही अपने पसंदीदा सितारे का स्वागत करने के लिए उमड़े प्रशंसकों के अति उत्साह ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बड़े पर्दे पर प्रभास की एंट्री हुई, हॉल के भीतर मौजूद कुछ उत्साही प्रशंसकों ने न केवल पटाखे फोड़ना शुरू कर दिया बल्कि वे अपने साथ जलती हुई आरती की थाली और मोमबत्तियां भी लेकर आए थे। इसी दौरान चिंगारी उठने और पटाखों के फटने से स्क्रीन के पास अचानक आग भड़क उठी, जिससे देखते ही देखते पूरा सिनेमा हॉल धुएं के गुबार से भर गया। इस अप्रत्याशित घटना ने फिल्म देख रहे सैकड़ों दर्शकों के बीच मौत का खौफ पैदा कर दिया और लोग अपनी जान बचाने के लिए आपातकालीन निकास की ओर भागने लगे।
यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन का एक डरावना उदाहरण पेश करती है। जिस समय यह अग्निकांड हुआ, उस वक्त सिनेमा हॉल दर्शकों से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। प्रभास की फैंटेसी थ्रिलर 'द राजा साब' का इंतजार प्रशंसक लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन इस बेसब्री ने सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया। जैसे ही पर्दे पर प्रभास का इंट्रो सीन शुरू हुआ, प्रशंसकों ने पारंपरिक तरीके से आरती उतारने के लिए दीये जलाए और हॉल के भीतर ही आतिशबाजी शुरू कर दी। बंद कमरे में पटाखों से निकलने वाले धुएं और आग की लपटों ने दर्शकों का दम घोंटना शुरू कर दिया, जिससे फिल्म देखने का आनंद पूरी तरह से एक त्रासदी में बदल गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आग की वजह से थिएटर की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
फिल्म 'द राजा साब' कई बार टलने के बाद आखिरकार 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। प्रभास को एक बार फिर उनके चिर-परिचित 'मास' और फैंटेसी अवतार में देखने के लिए प्रशंसकों का हुजूम उमड़ रहा है। ओडिशा की इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहां लोग सिनेमाघरों के भीतर इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर कड़े सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद हॉल के भीतर ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल करना किसी बड़े नरसंहार को निमंत्रण देने जैसा है। आग लगने के तुरंत बाद थिएटर प्रबंधन ने लाइटें जला दीं और दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए, लेकिन इस बीच मची भगदड़ ने लोगों को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। कई दर्शकों ने बीच में ही फिल्म छोड़कर जाने का फैसला किया।
इस घटना के बाद सिनेमाघरों में सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर प्रशंसक आरती की थालियां, मोमबत्तियां और पटाखे हॉल के भीतर ले जाने में कैसे सफल रहे। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग अब इस मामले की जांच कर रहे हैं कि क्या यह लापरवाही सिनेमा हॉल प्रबंधन की ओर से हुई या प्रशंसकों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ा। 'द राजा साब' के प्रति दीवानगी का यह ऐसा नकारात्मक स्वरूप है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती पेश की है, बल्कि सिनेमा संस्कृति के सुरक्षित वातावरण पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल प्रशासन ने सिनेमाघरों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या खुले दीये को हॉल के भीतर ले जाने की अनुमति न दी जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

