हैदराबाद में घास के नीचे छिपे टैंक से 813 किलो गांजा बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

हैदराबाद में घास के नीचे छिपे टैंक से 813 किलो गांजा बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

प्रेषित समय :21:28:38 PM / Wed, Jan 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

हैदराबाद. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी की हैदराबाद जोनल यूनिट ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का 813 किलोग्राम गांजा जब्त करने में सफलता हासिल की है। 14 जनवरी 2026 की रात को आधिकारिक रूप से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक बेहद सटीक खुफिया सूचना के आधार पर 13 जनवरी की तड़के सुबह अंजाम दी गई, जिसमें एक विशेष रूप से मॉडिफाइड किए गए ट्रक के जरिए अंतरराज्यीय तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के दौरान एनसीबी ने मौके से कर्नाटक के बीदर जिले के रहने वाले तीन तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो इस भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को खपाने की फिराक में थे। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक पुराना आदतन अपराधी है, जो लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के सिंडिकेट से जुड़ा रहा है।

तस्करी का यह तरीका बेहद शातिराना था जिसे देखकर एनसीबी के अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने ओडिशा के मलकानगिरी जिले से इस खेप को लोड किया था और इसे महाराष्ट्र के लातूर ले जाने की योजना थी। पकड़े गए ट्रक को बाहर से देखने पर ऐसा लगता था कि उसमें केवल घास लदी है, लेकिन जब एनसीबी की दो टीमों ने गहन तलाशी ली, तो ट्रक के भीतर एक गुप्त बेलनाकार टैंक (Cylindrical Cavity) मिला। इस टैंक को घास और तिरपाल से इस तरह ढक दिया गया था कि सामान्य चेकिंग में किसी को भनक तक न लगे। इतना ही नहीं, जिस ट्रक का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था, उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी काफी समय पहले एक्सपायर हो चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों ने कानून से बचने के लिए हर संभव पैंतरे अपनाए थे।

जैसे ही एनसीबी की टीमों को खुफिया जानकारी मिली, उन्होंने हैदराबाद के रणनीतिक रास्तों पर जाल बिछाया और संदिग्ध ट्रक को घेर लिया। तलाशी के दौरान जैसे ही तिरपाल हटाया गया और घास की परतें हटाई गईं, अधिकारियों के सामने 813 किलोग्राम गांजे की खेप बरामद हुई। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नशीले पदार्थों के कारोबारी अब तस्करी के लिए मॉडिफाइड वाहनों और गुप्त खानों का सहारा ले रहे हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके। एनसीबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके।

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि तस्करी का यह जाल ओडिशा से शुरू होकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना होते हुए महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। एनसीबी अब इस मामले में 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' की तलाश कर रही है, जिसका अर्थ है कि यह गांजा ओडिशा में किसने उपलब्ध कराया और महाराष्ट्र में इसे किन बड़े डीलरों तक पहुँचाया जाना था। इसके साथ ही, इस सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन यानी 'फाइनेंशियल ट्रेल' की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस काले कारोबार के पीछे कौन से सफेदपोश लोग या फाइनेंसर सक्रिय हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी दबोचा जा सकता है। फिलहाल, 813 किलो गांजे की इस बड़ी बरामदगी को नए साल की शुरुआत में ड्रग्स माफियाओं पर एक करारी चोट माना जा रहा है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-