AajKaDin: 16 जनवरी 2026, शिवरात्रि पर मिलेगा आध्यात्मिक प्रकाश!

AajKaDin: 16 जनवरी 2026, शिवरात्रि पर मिलेगा आध्यात्मिक प्रकाश!

प्रेषित समय :21:56:50 PM / Thu, Jan 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
* प्रदोष व्रत - 16 जनवरी 2026,  शुक्रवार
* प्रदोष पूजा मुहूर्त - 06:09 पीएम से 08:47 पीएम
* त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 15 जनवरी 2026 को 08:16 पीएम
* त्रयोदशी तिथि समाप्त - 16 जनवरी 2026 को 10:21 पीएम

* मासिक शिवरात्रि - 16 जनवरी 2026, शुक्रवार
* मासिक शिवरात्रि पूजा - 12:19 एएम से 01:11 एएम (17 जनवरी 2026)
* कृष्ण चतुर्दशी प्रारम्भ - 10:21 पीएम, 16 जनवरी 2026
* कृष्ण चतुर्दशी समाप्त - 12:03 एएम, 18 जनवरी 2026

* हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है.
* धर्मग्रंथों में शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है तथा यह शिवोपासना का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है.
* धर्मग्रंथों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती आदि देवियों ने शिवरात्रि व्रत किया था.
* महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में भगवान भोलेनाथ लिङ्ग स्वरूप प्रकट हुए थे और पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान श्रीविष्णु और श्रीब्रह्मा ने की थी. 
* तब से महाशिवरात्रि, भगवान भोलेनाथ के प्रकटोत्सव स्वरूप मनाया जाता है तथा श्रद्धालु प्रतिमाह मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं.
* शिवरात्रि पर पूजा-व्रत से आध्यात्मिक प्रकाश की प्राप्ति होती है.
* भोलेनाथ सच्चे मन से की गई पूजा से प्रसन्न होते हैं इसलिए दिल से प्रार्थना करें...
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्.
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि..

दैनिक चौघड़िया - 16 जनवरी 2026
* दिन का चौघड़िया
चर - 07:21 से 08:42
लाभ - 08:42 से 10:03
अमृत - 10:03 से 11:24
काल - 11:24 से 12:45
शुभ - 12:45 से 02:06
रोग - 02:06 से 03:27
उद्वेग - 03:27 से 04:48
चर - 04:48 से 06:09
* रात्रि का चौघड़िया
रोग - 06:09 से 07:48
काल - 07:48 से 09:27
लाभ - 09:27 से 11:06
उद्वेग - 11:06 से 12:45
शुभ - 12:45 से 02:24
अमृत - 02:24 से 04:03
चर - 04:03 से 05:42
रोग - 05:42 से 07:21 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-