ढाका. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच एक बार फिर हिंदू परिवार को निशाना बनाया गया है. ताजा मामला सिलहट जिले के गोवाईघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदिरगांव संघ के बहोर गांव का है, जहां इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एक हिंदू परिवार के घर पर हमला कर आग लगा दी.
जानकारी के मुताबिक, कट्टरपंथियों ने बीरेंद्र कुमार डे के घर को निशाना बनाते हुए आगजनी की. आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरे घर में फैल गई. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए घर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. आग लगने से घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया. ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. संगठन के अनुसार, पिछले सात महीनों में 100 से अधिक अल्पसंख्यकों की मौत का दस्तावेजीकरण किया गया है.
आरोप है कि ये घटनाएं कोई छिटपुट या अलग-थलग मामले नहीं हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने का एक देशव्यापी पैटर्न है. रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जून 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच बांग्लादेश के सभी आठ डिवीजनों और कम से कम 45 जिलों में 116 अल्पसंख्यकों की मौत हुई है. इनमें लिंचिंग, सुनियोजित हत्याएं और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतें शामिल हैं.
ब्रिटेन की सांसद प्रीति पटेल ने उठाया मुद्दा
इससे पहले ब्रिटेन की सांसद और विदेश, कॉमनवेल्थ व विकास मामलों की शैडो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट प्रीति पटेल भी बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने पर नाराजगी जता चुकी हैं. उन्होंने ब्रिटेन सरकार से अपील की थी कि वह अपने कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बांग्लादेश में स्थिरता सुनिश्चित करे, ताकि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हो और हिंदू समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस कर सके.
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