छिन्दवाड़ा. एमपी के छिंदवाड़ा जिले के नवोदय विद्यालय सिंगोड़ी से लापता हुए दो दसवीं के छात्रों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस ने छिंदवाड़ा से गायब हुए दो स्टूडेंट को नरसिंहपुर से बरामद किया है. बच्चों ने पुलिस को बताया है कि पढ़ाई का प्रेशर ज्यादा होने की वजह से वे स्कूल छोड़कर चले गए थे. जबकि उनके कमरे से एक पत्र मिला था जिसमें उन्होंने रैंगिंग होने का आरोप लगाया था.
बुधवार को नवोदय विद्यालय की कक्षा दसवीं में पढऩे वाले दो छात्र स्कूल से अचानक गायब हो गए थे. जैसे ही स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी लगी तो पुलिस चौकी सिंगोड़ी में शिकायत दर्ज कराई गई थी. वहीं, अमरवाड़ा एसडीएम हेमकरण धुर्वे ने भी मौके पर पहुंच कर जांच की तो बच्चों के कमरे में एक लेटर मिला था, जिसमें उन्होंने अपने सीनियर छात्र का नाम लिखते हुए रैगिंग की बात कही थी. पत्र में भी लिखा था कि वह 30 दिनों के बाद वापस लौट जाएंगे, इसमें किसी टीचर की कोई गलती नहीं है, कोई उन्हें तलाशने का प्रयास न करें. पुलिस को तभी से दाल में कुछ काला नजर आ रहा था.
बरामद हुए बच्चे, पुलिस को बताया सच
इस मामले में एसपी अजय पांडे ने सिंगोली पुलिस चौकी के प्रभारी पंकज राय के साथ स्पेशल इन्वेस्टिगेटिविटी टीम गठित की थी पुलिस की मुखबिर और साइबर सेल की मदद से पता लगाया कि बच्चे नरसिंहपुर की तरफ गए हुए हैं दोनों बच्चे नरसिंहपुर से बरामद हो गए हैं बच्चों ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई का प्रेशर बहुत ज्यादा था और कवर नहीं कर पा रहे थे इसलिए उन्होंने स्कूल छोड़कर भागने का प्लान बनाया था। हालांकि वे अपने घर जाना चाहते थे लेकिन डर के कारण नहीं गए।
प्रिंसिपल बोले- रैंगिंग का मामला नहीं
बच्चों के गायब होने के मामले में नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल डॉक्टर चंद्रशेखर पानकर ने बताया, दोनों बच्चे पुलिस की मदद से सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं. उनके कमरे से एक पत्र भी मिला था जिसमें उन्होंने कुछ बच्चों के द्वारा परेशान करने की बात लिखी है. हालांकि बाद में पुलिस को इन्होंने पढ़ाई का प्रेशर बताया है. वो पत्र किसने लिखा था और क्यों लिखा था इसकी जांच कराई जा रही है क्योंकि स्कूल में रैगिंग जैसी कोई भी घटना नहीं होती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-



