एमपी बोर्ड एक्जाम में नकल की तो मिलेगा कड़ा दंड, 3 साल की जेल, माशिमं ने जारी किए कड़े निर्देश

एमपी बोर्ड एक्जाम में नकल की तो मिलेगा कड़ा दंड, 3 साल की जेल, माशिमं ने जारी किए कड़े निर्देश

प्रेषित समय :21:00:01 PM / Tue, Jan 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू हो रही है. इस बार परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए मंडल ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यदि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला पुख्ता होता है, तो उस केंद्र की पूरी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी. परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर तीन साल की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना का प्रावधान है.

माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश
मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है. कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी. प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है. वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे.

यह भी नकल की श्रेणी में

एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा. साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा.

मूल्यांकन के दौरान भी कड़ी निगरानी

माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी. यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा. ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध

मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है. अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी. बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा. साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-