ओएमजी: 50 सालों से नहीं सोया रीवा का रिटायर्ड अफसर लगातार जाग रहे, शरीर में दर्द भी नहीं होता

ओएमजी: 50 सालों से नहीं सोया रीवा का रिटायर्ड अफसर लगातार जाग रहे, शरीर में दर्द भी नहीं होता

प्रेषित समय :18:15:23 PM / Fri, Jan 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रीवा. एमपी के रीवा जिले से एक आश्चर्यजनक मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल साइंस के तमाम दावों को चुनौती दे दी है. यहां रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वे पिछले 50 सालों से एक पल के लिए भी नहीं सोए हैं.

आम तौर पर इंसान के लिए 24 घंटे में 6 से 8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है, लेकिन 75 वर्षीय मोहनलाल का कहना है कि उन्होंने पांच दशकों से नींद नहीं ली है, इसके बावजूद उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है और वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं. उनकी इस अजीबोगरीब स्थिति ने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है.

नहीं होता दर्द का अहसास

रीवा की चाणक्यपुरी कॉलोनी के निवासी मोहनलाल द्विवेदी केवल अनिद्रा ही नहीं, बल्कि एक और रहस्यमयी स्थिति का सामना कर रहे हैं. उनका दावा है कि उनका शरीर पत्थर जैसा सख्त हो चुका है. स्थिति यह है कि चोट लगने पर भी उन्हें शरीर में किसी तरह के दर्द का अहसास नहीं होता. मोहनलाल बताते हैं कि साल 1973 में जब उनकी लेक्चरर की नौकरी लगी थी, उसके कुछ ही दिन बाद जुलाई महीने से उनकी नींद अचानक गायब हो गई. शुरुआत में उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई और पूरी रात जागकर बिताते रहे. हैरानी की बात यह थी कि पूरी रात जागने के बाद भी न तो उनकी आंखों में जलन होती थी और न ही उनकी दिनचर्या पर कोई असर पड़ता था.

बुजुर्ग का इलाज करने वाले डॉक्टर भी हैरान

जब समस्या बढ़ी तो परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा न होने पर डॉक्टरी सलाह ली गई. मोहनलाल ने रीवा और जबलपुर से लेकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के बड़े अस्पतालों में जांच कराई, लेकिन डॉक्टर उनकी इस बीमारी की वजह नहीं ढूंढ पाए. दिलचस्प बात यह है कि मोहनलाल की पत्नी नर्मदा द्विवेदी भी नींद की समस्या से जूझ रही हैं और वह भी 24 घंटे में मात्र 3 से 4 घंटे ही सो पाती हैं. 1974 में एमपीपीएससी क्वालिफाई कर नायब तहसीलदार बनने और 2001 में ज्वाइंट कलेक्टर पद से रिटायर होने तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल बिना सोए ही बिता दिया. वे अपना रात का समय किताबें पढऩे और छत पर टहलने में बिताते हैं.

चिकित्सक बोले- जांच के बाद ही खुलेगा राज

इस अनोखे मामले पर रीवा के संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कहना है कि मेडिकल साइंस में नींद न आने के हजारों कारण हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि मानसिक रोग विभाग में स्लीप डिसऑर्डर पर पूरी स्टडी की जाती है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, यदि पति-पत्नी या परिवार में एक जैसी समस्या है, तो यह अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है. हालांकि, दर्द का अहसास न होना और 50 साल तक बिल्कुल न सोना एक बेहद दुर्लभ और जटिल स्थिति है. डॉक्टरों का मानना है कि विस्तृत जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर मोहनलाल बिना नींद के इतने सालों से स्वस्थ कैसे हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-