नई दिल्ली. उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक ठंड, कोहरा और प्रदूषण ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है. 17 जनवरी की शाम तक हालात ऐसे बन गए कि दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना तक मुश्किल हो गया, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे ने आवाजाही को बाधित कर दिया. मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक 18 जनवरी को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा, कहीं राहत तो कहीं मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
राजधानी दिल्ली में ठंड के साथ-साथ जहरीली हवा का डबल अटैक जारी है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हालात को गंभीर मानते हुए GRAP-3 के तहत सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. शुक्रवार शाम चार बजे दिल्ली का AQI 354 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बेहद करीब है. अधिकारियों का कहना है कि मौसम की मौजूदा परिस्थितियों में हवा के और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है. कम गति की हवाएं और नमी के चलते प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं. GRAP-3 के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर सख्ती और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले 24 से 48 घंटों में तेज हवाएं या बारिश नहीं हुई, तो दिल्लीवासियों को राहत मिलना मुश्किल है.
दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ठंड और घने कोहरे का असर सीधे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है. गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने एहतियातन नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों को शुक्रवार और शनिवार के लिए बंद रखने का आदेश दिया है. यह फैसला सभी बोर्डों पर लागू किया गया है. सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने और सड़कों पर फिसलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है. अभिभावकों ने फैसले का स्वागत किया है, हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है.
उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सर्दी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. लखनऊ, कानपुर और आसपास के इलाकों में दिन के समय आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन रात और सुबह के वक्त घना से बहुत घना कोहरा छाने के आसार हैं. मौसम विभाग ने कुछ जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है. ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखा जा रहा है, जहां अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे लोग सर्द रातें काटने को मजबूर हैं.
पंजाब और हरियाणा में भी ठंड फिलहाल ढीली पड़ती नजर नहीं आ रही है. दोनों राज्यों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है और सुबह के समय घना कोहरा यातायात को प्रभावित कर रहा है. हाईवे पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है और सुबह की शिफ्ट को देर से शुरू करने का फैसला लिया है. यह आदेश 21 जनवरी तक लागू रहेगा. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जनवरी से पंजाब और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना है.
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम अलग ही करवट ले रहा है. जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान में हल्का सुधार जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन सर्दी का प्रकोप अब भी कायम है. कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर चल रहा है, जिसे साल का सबसे ठंडा 40 दिन का समय माना जाता है. मौसम विभाग के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ घाटी की ओर बढ़ रहा है, जिसके असर से ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है. गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे इलाकों में बर्फ की नई परत गिरने से तापमान और गिर सकता है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह ठंड से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि अगले तीन दिनों तक कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है. कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. कोलकाता समेत आसपास के इलाकों में ठंडी हवाएं लोगों को अभी भी गर्म कपड़ों में लिपटने पर मजबूर कर रही हैं.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात कई मौसमी कारकों का नतीजा हैं. उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ, नमी और शांत हवाओं के कारण ठंड और कोहरे की स्थिति बनी हुई है, जबकि प्रदूषण ने हालात और गंभीर कर दिए हैं. आने वाले दिनों में अगर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ और बारिश या बर्फबारी हुई तो कुछ इलाकों में हवा साफ होने और तापमान में बदलाव की उम्मीद की जा सकती है.
18 जनवरी को देशभर में मौसम राहत और परेशानी का मिला-जुला रूप दिखा सकता है. दिल्ली-एनसीआर में जहां प्रदूषण और ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है, वहीं कश्मीर में बर्फबारी और पंजाब-हरियाणा में बारिश के संकेत मौसम को और चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं. आम लोगों के लिए सलाह यही है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ठंड, कोहरा और खराब हवा का असर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

