आईपीएल 2026 के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम को हरी झंडी, आरसीबी के घरेलू मुकाबलों की वापसी तय

आईपीएल 2026 के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम को हरी झंडी, आरसीबी के घरेलू मुकाबलों की वापसी तय

प्रेषित समय :20:31:45 PM / Sat, Jan 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

करीब सात महीनों के लंबे इंतज़ार और अनिश्चितता के बाद आखिरकार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और उसके करोड़ों प्रशंसकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के ऐतिहासिक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को एक बार फिर बड़े स्तर के आयोजनों के लिए मंजूरी दे दी है. इस फैसले के साथ ही आईपीएल 2026 में आरसीबी के घरेलू मुकाबलों का रास्ता साफ हो गया है और जून 4, 2025 की दर्दनाक भगदड़ के बाद इस मैदान पर क्रिकेट की वापसी तय मानी जा रही है.

गौरतलब है कि पिछले साल आरसीबी की ट्रॉफी सेलिब्रेशन के दौरान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी. इस घटना ने न केवल पूरे देश को झकझोर दिया था, बल्कि स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. इसके बाद से बेंगलुरु में किसी भी बड़े क्रिकेट आयोजन पर रोक लग गई थी और चिन्नास्वामी स्टेडियम को क्रिकेट कैलेंडर से बाहर कर दिया गया था.

अब कर्नाटक सरकार के गृह विभाग की ओर से मिली औपचारिक अनुमति के बाद कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने पुष्टि की है कि स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी की इजाजत दे दी गई है. केएससीए के आधिकारिक प्रवक्ता विनय मृत्युंजय ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार ने सशर्त अनुमति प्रदान की है और सभी तय नियमों, शर्तों तथा संबंधित प्राधिकरणों के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसोसिएशन सुरक्षा, संरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़े हर पहलू को गंभीरता से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

इस मंजूरी के साथ ही उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जो पिछले कई महीनों से चिन्नास्वामी स्टेडियम के भविष्य को लेकर चल रही थीं. भगदड़ की घटना के बाद बीसीसीआई ने एहतियातन कई प्रमुख टूर्नामेंटों को बेंगलुरु से बाहर शिफ्ट कर दिया था. चिन्नास्वामी स्टेडियम को दलीप ट्रॉफी, भारत-दक्षिण अफ्रीका पुरुष ए सीरीज, विजय हजारे ट्रॉफी और 2025 आईसीसी महिला वनडे विश्व कप जैसे अहम आयोजनों से वंचित रहना पड़ा था. महिला विश्व कप का फाइनल भी इस प्रतिष्ठित मैदान पर नहीं हो सका, जो बेंगलुरु क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका माना गया.

स्टेडियम पर से प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से जांच रिपोर्ट और सुधारात्मक कदमों से जुड़ी रही. भगदड़ की जांच के लिए गठित जस्टिस माइकल डी’कुन्हा आयोग की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया था. सरकार ने साफ कर दिया था कि जब तक रिपोर्ट की सिफारिशों को जमीन पर लागू नहीं किया जाएगा, तब तक चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी. केएससीए ने इसके बाद एक विस्तृत अनुपालन रोडमैप तैयार कर विशेषज्ञ समीक्षा समिति के सामने पेश किया, जिसमें प्रवेश और निकास व्यवस्था, टिकटिंग सिस्टम, भीड़ नियंत्रण, पुलिस और आपात सेवाओं के समन्वय तथा तकनीक आधारित निगरानी जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया.

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान केएससीए को आंतरिक प्रशासनिक संकट का भी सामना करना पड़ा. हादसे के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और सचिव ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिससे संस्था कई महीनों तक बिना इन अहम पदों के काम करती रही. बाद में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद की अगुवाई वाले पैनल ने कमान संभाली और प्राथमिकता के तौर पर चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षित तरीके से क्रिकेट की वापसी को अपना लक्ष्य बनाया. अब सरकार की मंजूरी को इस दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.

आईपीएल 2026 के संदर्भ में यह फैसला आरसीबी के लिए बेहद अहम है. पिछले सीजन में टीम को घरेलू मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिला था, जिससे न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि प्रशंसकों में भी मायूसी थी. चिन्नास्वामी स्टेडियम को आरसीबी का किला माना जाता है, जहां की पिच, दर्शकों का जोश और माहौल टीम के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का काम करता है. सरकार की अनुमति के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु में ही खेलेगी, हालांकि आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा बीसीसीआई की ओर से होना बाकी है.

हालांकि, तस्वीर का एक पहलू अभी भी चर्चा में है. आरसीबी के उपाध्यक्ष राजेश मेनन की हालिया मुलाकात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से हुई थी, जिसमें नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 के दो मुकाबले आयोजित करने की संभावना पर बातचीत हुई थी. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आरसीबी अपने सभी घरेलू मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी या कुछ मुकाबले अन्य शहरों में भी आयोजित किए जाएंगे.

फिलहाल, कर्नाटक सरकार की इस मंजूरी को बेंगलुरु क्रिकेट और आरसीबी फैंस के लिए नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले साल की त्रासदी ने जो जख्म दिए थे, उनकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सख्त सुरक्षा मानकों, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही के साथ क्रिकेट की वापसी को भरोसे की बहाली की दिशा में एक जरूरी कदम माना जा रहा है. आईपीएल 2026 के साथ चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक बार फिर दर्शकों की गूंज, चौकों-छक्कों की बारिश और लाल-सुनहरे रंग में रंगा बेंगलुरु लौटता दिखाई दे सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-