बांसवाड़ा (व्हाट्सएप- 8302755688). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत बांसवाड़ा के हर क्षेत्र में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलनों को आशातीत सफल बनाने और व्यापक महाजागरण के लिए हर स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं. जिले में 18 जनवरी 2026 से हिन्दू सम्मेलनों के आयोजन का दौर आरंभ होगा, यह 7 फरवरी तक चलेगा.
इन सम्मेलनों को लेकर संतों की संगोष्ठी एवं कार्यशाला बांसवाड़ा शहर के वनेश्वर महादेव क्षेत्र स्थित श्री पीताम्बरा आश्रम में हुई, इसमें जिले के विभिन्न धूंणी, धामों, मठों और आश्रमों आदि से उपस्थित संतों ने हिस्सा लिया.
इस अवसर पर बड़ा रामद्वारा के संत रामप्रकाश रामस्नेही महाराज ने अपने उद्बोधन में हिन्दू सम्मेलनों को महा जागरण का अभियान बताते हुए कहा कि राष्ट्र जागरण के इस महानुष्ठान में सभी को समर्पित सहभागिता निभाने आगे आने की आवश्यकता है इसमें संत-महात्मा सदैव आगे रहेंगे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विकास राज ने सम्मेलन की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
सामाजिक आध्यात्मिक चिन्तक सुश्री ईशिका ने सम सामयिक चुनौतियों का सशक्त मुकाबला करते हुए सत्य सनातन परम्पराओं और मूल्यों के संरक्षण के साथ मिलजुलकर आगे आने की आवश्यकता जताई और कहा कि धर्म की ख़ासियतों और मूल मर्म से सभी को ख़ासकर नई पीढ़ी को परिचित कराने की आवश्यकता है. इसके लिए पुरातन ग्रंथों और परम्पराओं का ज्ञान संवहित किया जाना चाहिए.
इस दौरान् नरसिंगगिरिजी महाराज कुशलगढ़, संत रामगिरिजी महाराज घोटिया आम्बा, मदनगिरिजी महाराज गड़ा, थावरगिरिजी महाराज आम्बाझेर, शंकरगिरिजी महाराज बोरखाबर, हरजीगिरिजी महाराज गांगड़तलाई, अर्जुन महाराज झेरपाड़ा, बालमुकुन्दजी महाराज बांसला और रामगिरिजी महाराज टीमुरवा ने ग्रामीण अंचलों में धर्मजागरण के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता जताई.
संगोष्ठी में चिन्तक लालशंकरजी पारगी प्रकाश महाराज झेरपाड़ा करजी, फूलगिरिजी महाराज भीलवन, सतीश गिरिजी महाराज उमराई, बापूदासजी महाराज लखेरिया, लीलारामजी महाराज देलवाड़ा, बालुदासजी महाराज एवं प्रेमगिरिजी महाराज अमरथुन, आशापूर्ण महाराज बारी सियातलाई, रावलजी महाराज रामोर वडली ने सभी तीर्थों, धामों, आश्रमों में धर्मजागरण की विशेष गतिविधियों के संचालन और लोक जागरण के सभी संभव उपायों को अपनाने का आह्वान किया. संगोष्ठी में संतों द्वारा वागड़ी में जागरण गीत प्रस्तुत किए गए.
धर्म जागरण प्रमुख कान्तिलाल व्यास ने सम्मेलनों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संत-महात्माओं, मठाधीशों और महंतों आदि की भागीदारी पर चर्चा की और इनसे संबंधित योजना पर प्रकाश डाला. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक गोविन्द सिंह सहित धर्म जागरण क्षेत्र के विद्वान विषय विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

