मकर राशि में पंचग्रही महासंयोग से बदली ब्रह्मांडीय चाल, तीन राशियों के लिए खुला भाग्य का द्वार

मकर राशि में पंचग्रही महासंयोग से बदली ब्रह्मांडीय चाल, तीन राशियों के लिए खुला भाग्य का द्वार

प्रेषित समय :21:48:48 PM / Sat, Jan 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

18 जनवरी 2026 की सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण धरती पर उतरी, आकाश में एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय और ज्योतिषीय घटना घटित हुई जिसने ज्योतिष जगत से लेकर डिजिटल दुनिया तक हलचल मचा दी। मकर राशि में एक साथ सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध और शुक्र के एकत्र होने से बना पंचग्रही योग इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह संयोग सामान्य नहीं, बल्कि ऐसा महासंयोग है जो वर्षों में एक बार बनता है और जिसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित न रहकर सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक घटनाओं तक फैलता है। कर्म और अनुशासन की राशि मकर में ग्रहों का यह जमावड़ा सत्ता, व्यवस्था और निर्णय प्रक्रियाओं पर गहरा असर डालने वाला माना जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आज सुबह से ही इस पंचग्रही योग को लेकर चर्चाओं की बाढ़ आ गई है। ट्विटर और रेडिट पर ज्योतिष विशेषज्ञ इसे ‘युग परिवर्तन’ का संकेत बता रहे हैं, वहीं आम लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं कि कैसे बीती रात से उनके मनोभावों और सोच में अप्रत्याशित बदलाव महसूस हो रहा है। इस योग में मंगल की भूमिका को सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है, क्योंकि मंगल इस समय मकर राशि में उच्च के हैं। मंगल की ऊर्जा जब सूर्य के तेज, शुक्र की सौम्यता और बुध की बौद्धिक क्षमता से मिलती है, तो उसे परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ऐसे योग इतिहास में बड़े राजनीतिक निर्णयों, आर्थिक उतार-चढ़ाव और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस पंचग्रही योग का सबसे सकारात्मक प्रभाव वृषभ, मिथुन और मकर राशि के जातकों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। वृषभ राशि के लिए यह संयोग अचानक धनलाभ, रुके हुए भुगतान की प्राप्ति या नए निवेश के अवसर खोल सकता है। मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर में बड़ा मोड़ आने के संकेत मिल रहे हैं, जहाँ लंबे समय से अटके प्रमोशन, नई नौकरी या किसी बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई जा रही है। मकर राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि का माना जा रहा है, क्योंकि यह योग स्वयं उनकी राशि में बन रहा है।

हालाँकि ज्योतिषीय प्रभाव केवल शुभ संकेतों तक सीमित नहीं हैं। कुछ राशियों के लिए यह समय सावधानी बरतने का भी है। चंद्रमा का इस पंचग्रही घेरे में अल्पकालिक प्रवेश मन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, जिससे भावनात्मक उतार-चढ़ाव, चिड़चिड़ापन और जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। मेष और कर्क राशि के जातकों को विशेष रूप से सलाह दी जा रही है कि वे आज विवादों से बचें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। मंगल और शनि की दृष्टि के चलते आग, मशीनरी और तेज गति से जुड़े कार्यों में सावधानी को आवश्यक माना जा रहा है।

इस खगोलीय संयोग को लेकर वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोणों के बीच भी बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कुछ वैज्ञानिकों का तर्क है कि ग्रहों की स्थिति का सीधा प्रभाव पृथ्वी की घटनाओं पर नहीं पड़ता, जबकि ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि ग्रहों का संयुक्त गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा क्षेत्र मानव मन और सामूहिक चेतना को प्रभावित करता है। मकर राशि के पृथ्वी तत्व से जुड़े होने के कारण कुछ लोग इसे भूगर्भीय हलचलों और प्राकृतिक गतिविधियों से भी जोड़कर देख रहे हैं, हालाँकि इस पर कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है।

आर्थिक दृष्टि से देखें तो बुध की स्थिति को लेकर बाजार विशेषज्ञ सतर्कता की सलाह दे रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध के कमजोर होने से संचार, व्यापार और निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिसका असर शेयर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव के रूप में दिख सकता है। निवेशकों को बड़े और त्वरित फैसलों से बचने की सलाह दी जा रही है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुछ देशों में सत्ता से जुड़े बड़े फैसले या नीतिगत बदलाव इसी अवधि में सामने आ सकते हैं।

धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि पंचग्रही योग के दौरान किया गया दान, स्नान और ध्यान कई गुना फल देता है। देशभर के तीर्थस्थलों, विशेषकर नर्मदा घाट, गंगा और अन्य पवित्र नदियों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। कई लोग इसे आत्मशुद्धि और ‘कॉस्मिक डिटॉक्स’ का अवसर मानते हुए योग, ध्यान और मंत्र जाप के माध्यम से इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।

18 जनवरी 2026 का यह पंचग्रही महासंयोग ज्योतिषीय दृष्टि से एक ऐसा क्षण बनकर उभरा है, जिसने लोगों को अपने जीवन, निर्णयों और भविष्य पर नए सिरे से सोचने के लिए प्रेरित किया है। ग्रहों की यह स्थिति भले ही कुछ समय बाद बदल जाए, लेकिन आज लिए गए संकल्प और फैसले आने वाले महीनों तक असर दिखा सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह दुर्लभ संयोग व्यक्तिगत भाग्य, सामाजिक संतुलन और वैश्विक घटनाक्रमों में क्या नए बदलाव लेकर आता है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-