जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में पिछले दिनों गुर्रा-इटारसी स्टेशन के बीच मालगाड़ी की हुई स्पैड (सिग्नल पासिंग एट डेंजर) मामले में रेल प्रशासन ने बहुत सख्त कदम उठाया है. इस मामले में जहां मालगाड़ी के लोको पायलट व सहायक लोको पायलट को सस्पेंड कर दिया है, वहीं सीनियर डीईई (टीआरओ) अक्षय कुमरावत को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है. उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि गत 15 जनवरी को जबलपुर रेल मंडल के गुर्रा-इटारसी के बीच आईबीएच पर अप लाइन पर एक मालगाड़ी ने देर रात लाल सिग्नल को पार कर लिया. जिसके बाद लोको पायलट को जैसे ही गल्ती का अहसास हुआ, उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी. घटना की जानकारी लगते ही जबलपुर मंडल रेल प्रशासन व पमरे मुख्यालय में हड़कम्प मच गया.
प्रशासन ने मामले पर गंभीर, कड़े निर्णय लिये
इस मामले को पमरे प्रशासन ने गंभीरता से लिया और तत्काल ही इस घटना की नैतिक जवाबदारी वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता टीआरओ (सीडीईई) पर डालते हुए उन्हें तत्काल पद से हटा दिया. वहीं उनके स्थान पर पमरे मुख्यालय में पदस्थ सीडीईर्ई जनरल एके श्रीवास्तव की नियुक्ति कर दी. वहीं पूरे मामले की जांच की जा रही है. बताया जाता है कि इस घटना को रेलवे बोर्ड ने भी गंभीरता से लिया है और इस संबंध में मंडल के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं.
इनका कहना....
- घटना हुई है. प्रशासन ने कुछ सख्त निर्णय लिये हैं. मामले की जांच चल रही है,इस तरह की घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए लगातार जागरुकता अभियान, प्रशिक्षण, रनिंग स्टाफ के बीच चलाया जाता है.
हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पमरे, जबलपुर.

