नागपुर के विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस मैच के बाद पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने अभिषेक शर्मा को लेकर बड़ा बयान दिया है और उन्हें आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप 2027 के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किए जाने की सलाह दी है। पठान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टीम प्रबंधन भविष्य की तैयारियों और नए चेहरों को परखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच नागपुर में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने केवल 35 गेंदों में 84 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच चौके और आठ गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उन्होंने महज 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पावरप्ले के दौरान न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बना दिया। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई और बड़े स्कोर की नींव रखी, जिसके दम पर भारत ने मुकाबले में मजबूत बढ़त हासिल की।
अभिषेक शर्मा की इस पारी के बाद इरफान पठान ने सोशल मीडिया पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि भले ही मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी उनसे आगे हों, लेकिन अभिषेक का स्किल सेट ऐसा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पठान ने कहा कि जिस तरह से अभिषेक टी20 क्रिकेट में पावरप्ले का अधिकतम फायदा उठाते हैं, वैसी ही आक्रामक सोच 50 ओवर के क्रिकेट में भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
पठान ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनका मतलब यह नहीं है कि अभी तुरंत बदलाव किए जाएं, बल्कि आने वाले समय में चयनकर्ताओं को अभिषेक शर्मा को गंभीरता से देखना चाहिए। उनके अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में आक्रामक शुरुआत मैच का रुख तय कर देती है और अभिषेक में यह क्षमता साफ नजर आती है। पावरप्ले में गेंदबाजों पर हावी होने की उनकी काबिलियत वनडे क्रिकेट में भी विपक्षी टीमों को बैकफुट पर धकेल सकती है।
अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन केवल एक मैच तक सीमित नहीं रहा है। हाल के महीनों में वह सफेद गेंद के क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के तौर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में भी उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। उनकी बल्लेबाजी में जहां ताकत दिखाई देती है, वहीं स्ट्राइक रोटेशन और गैप ढूंढने की समझ भी नजर आती है, जो उन्हें एक परिपक्व बल्लेबाज की श्रेणी में लाती है।
हालांकि, अभी तक अभिषेक शर्मा को भारत की वनडे टीम में पदार्पण का मौका नहीं मिला है। उन्होंने अब तक कोई भी 50 ओवर का अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर उनके प्रदर्शन ने यह बहस जरूर छेड़ दी है कि क्या उन्हें लंबे प्रारूप में भी आजमाया जाना चाहिए। इरफान पठान जैसे पूर्व खिलाड़ी का समर्थन इस बहस को और मजबूती देता है।
भारतीय क्रिकेट में ओपनिंग स्लॉट को लेकर हमेशा से कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है। मौजूदा दौर में यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ को भविष्य के प्रमुख सलामी बल्लेबाजों के रूप में देखा जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रारूपों में खुद को साबित किया है। ऐसे में अभिषेक शर्मा के लिए रास्ता आसान नहीं है, लेकिन नागपुर जैसी पारियों के जरिए वह चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर जरूर कर रहे हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम को अभी से संभावित खिलाड़ियों का दायरा बढ़ाना चाहिए। युवा खिलाड़ियों को समय रहते वनडे क्रिकेट में मौके देना भविष्य की टीम संयोजन के लिए अहम हो सकता है। अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी, जो टी20 में आक्रामकता और आत्मविश्वास दिखा चुके हैं, उन्हें वनडे में ढालने के लिए पर्याप्त समय दिया जा सकता है।
नागपुर के मुकाबले में अभिषेक की पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें आत्मविश्वास और इरादे की झलक साफ दिखी। उन्होंने न्यूजीलैंड के अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ बिना किसी झिझक के बड़े शॉट खेले और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। इस तरह की बल्लेबाजी आधुनिक क्रिकेट की मांग बन चुकी है, जहां शुरुआत से दबाव बनाना बेहद जरूरी माना जाता है।
इरफान पठान का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह खुद एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने अलग-अलग प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और टीम संयोजन की बारीकियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनका यह कहना कि अभिषेक शर्मा को विश्व कप की योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए, इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में नई सोच और नए विकल्पों की तलाश जारी है।
अब देखना यह होगा कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ता इस सुझाव को किस तरह लेते हैं। क्या अभिषेक शर्मा को जल्द ही वनडे टीम में मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा। फिलहाल इतना तय है कि नागपुर की यह पारी और इरफान पठान का समर्थन अभिषेक शर्मा के करियर में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है और उन्हें भविष्य के बड़े मंच के लिए मजबूत दावेदार बना सकता है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

