AajKaDin: 24 जनवरी 2026, कार्तिकेय के पूजन से रोग-दोष, दुःख-दारिद्र का निवारण होता है!

AajKaDin: 24 जनवरी 2026, कार्तिकेय के पूजन से रोग-दोष, दुःख-दारिद्र का निवारण होता है!

प्रेषित समय :20:40:30 PM / Fri, Jan 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* स्कन्द षष्ठी - 24 जनवरी 2026, शनिवार
* शुक्ल षष्ठी प्रारम्भ - 01:46 एएम, 24 जनवरी 2026
* शुक्ल षष्ठी समाप्त - 12:39 एएम, 25 जनवरी 2026

दक्षिण भारत में स्कन्द सुप्रसिद्ध देवता हैं, जिनकी पूजा से संपन्नता प्राप्त होती है. 
स्कन्द देव, भगवान भोलेनाथ और देवी पार्वती के पुत्र और भगवान श्रीगणेश के भाई हैं. 
दक्षिण भारत में भगवान स्कन्द को मुरुगन, कार्तिकेय, सुब्रह्मण्य आदि स्वरूपों में जाना जाता है.
षष्ठी तिथि भगवान स्कन्द को समर्पित है. 
सूरसम्हाराम के बाद आने वाली अगली स्कन्द षष्ठी को सुब्रहमन्य षष्ठी पुकारते हैं. 
दक्षिण भारत में पलनी मुरुगन मन्दिर, स्वामीमलई मुरुगन मन्दिर, तिरुत्तनी मुरुगन मन्दिर, पज्हमुदिचोर्लाई मुरुगन मन्दिर, श्री सुब्रह्मण्य स्वामी देवस्थानम, तिरुप्परनकुंद्रम मुरुगन मन्दिर, मरुदमलै मुरुगन मन्दिर आदि प्रमुख एवं प्राचीन कार्तिकेय के मंदिर हैं.
भगवान कार्तिकेय की पूजा स्कन्द षष्ठी के दिन की जाती है. 
कार्तिकेय के पूजन से रोग-दोष, दुःख-दारिद्र का निवारण होता है. 
धर्मग्रंथों के अनुसार नारद-नारायण संवाद के दौरान संतान प्राप्ति और संतान की पीड़ाओं का शमन करने के लिए इस व्रत का विधान बताया गया है. 
धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न बालक स्कन्द की छह कृतिकाओं ने स्तनपान करा कर रक्षा की थी. इनके छह मुख हैं और उन्हें कार्तिकेय नाम से पुकारा जाने लगा. 
भोलेनाथ और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा मुख्यत: दक्षिण भारत, खासतौर पर तमिलनाडु में होती है.
भगवान कार्तिकेय के प्रमुख मंदिर तमिलनाडु में ही हैं. 
धर्मधारणा है कि... स्कंद षष्ठी की उपासना से च्यवन ऋषि को आंखों की ज्योति प्राप्त हुई... स्कंद षष्ठी के पाठ से प्रियव्रत का मृत शिशु जीवित हो गया. 
धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि... स्कन्द की उत्पत्ति अमावस्या को अग्नि से हुई थी, वे चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी को प्रत्यक्ष हुए थे, देवों के द्वारा सेनानायक बनाये गये थे तथा तारकासुर का वध किया था, अत: उनकी पूजा, दीपों, वस्त्रों, अलंकरणों, आदि से की जाती है, साथ ही, स्कंद षष्ठी पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. 
कार्तिकेय की स्थापना कर अखंड दीपक जलाए जाते हैं, विशेष कार्य की सिद्धि के लिए इस समय की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी होती है!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 24 जनवरी 2026
ब्रह्म मुहूर्त- 05:35 एएम से 06:28 एएम, प्रातः सन्ध्या- 06:01 एएम से 07:20 एएम, अभिजित मुहूर्त- 12:26 पीएम से 01:09 पीएम, विजय मुहूर्त- 02:36 पीएम से 03:20 पीएम, गोधूलि मुहूर्त- 06:12 पीएम से 06:39 पीएम, सायाह्न सन्ध्या- 06:15 पीएम से 07:33 पीएम, अमृत काल- 09:31 एएम से 11:06 एएम, निशिता मुहूर्त- 2:21 एएम (25 जनवरी 2026) से 01:13 एएम (25 जनवरी 2026), रवि योग- 07:20 एएम से 10:56 एएम, 02:16 पीएम से 07:20 एएम  (25 जनवरी 2026)
* दिन का चौघड़िया
काल - 07:20 से 08:42
शुभ - 08:42 से 10:04
रोग - 10:04 से 11:26
उद्वेग - 11:26 से 12:47
चर - 12:47 से 02:09
लाभ - 02:09 से 03:31
अमृत - 03:31 से 04:53
काल - 04:53 से 06:15
* रात्रि का चौघड़िया
लाभ - 06:15 से 07:53
उद्वेग - 07:53 से 09:31
शुभ - 09:31 से 11:09
अमृत - 11:09 से 12:47
चर - 12:47 से 02:25
रोग - 02:25 से 04:03
काल - 04:03 से 05:42
लाभ - 05:42 से 07:20
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का राशिफल -
मेष राशि:- रुका हुआ धन नही मिलेगा. प्रयास सफल रहेंगे. यात्रा में सावधानी रखें. घर-बाहर से सहयोग मिलेगा. लाभ में वृद्धि होगी. किसी आनंदोत्सव भाग लेने का अवसर मिल सकता है. संचित धन में वृद्धि होगी. कर्ज नही चुका पाएंगे. प्रसन्नता रहेगी.

वृष राशि:- नई आर्थिक नीति लागू करने का साहस जुटा पाएंगे. कार्यस्थल पर परिवर्तन होगा. विरोध होगा. वाणी पर नियंत्रण रखें. मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी. लाभ के अवसर हाथ आएंगे. नए अनुबंध हो सकते हैं. मातहतों का सहयोग मिलेगा.

मिथुन राशि:- राजकीय बाधा  होगी. किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात होगी. घर-परिवार की चिंता रहेगी. दूसरों के काम में दखल देने से बचें. व्यवसाय ठीक चलेगा. पार्टनरों से मतभेद कम होंगे. जल्दबाजी न करें.

कर्क राशि:- चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है. विशेषकर स्त्रियां सावधानी से रहें. स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा. किसी अपने ही व्यक्ति का व्यवहार ठीक नहीं रहेगा. कीमती वस्तुएं संभालकर रखें. दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं. बड़ों के मार्गदर्शन से लाभ होगा.

सिंह राशि:- राजकीय सहयोग प्राप्त होगा. शारीरिक कष्ट संभव है. जल्दबाजी न करें. उत्तेजना पर नियंत्रण रखें. विवेक का प्रयोग करें. पारिवारिक सहयोग समय पर प्राप्त होगा. कार्यसिद्धि होगी. प्रसन्नता रहेगी.

कन्या राशि:- चोट व दुर्घटना आदि से बड़ी हानि हो सकती है. दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं. पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है. अपरिचित लोगों पर विश्वास न करें. व्यवसाय ठीक नही चलेगा. आय बनी रहेगी. परिवार में कोई मांगलिक कार्य की योजना बनेगी. चिंता रहेगी.

तुला राशि:-  कानूनी सहायता समय पर प्राप्त होगी. बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति रहेगी. मित्र व संबंधियों का सहयोग प्राप्त होगा. जोखिम न उठाएं. जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं. व्यवसाय ठीक नही चलेगा. प्रसन्नता रहेगी.

वृश्चिक राशि:- शोक समाचार मिल सकता है. धैर्य रखें. स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा. लापरवाही न करें. दौड़धूप अधिक होगी. बनते कामों में बाधा संभव है. प्रयास अधिक करना पड़ेंगे. परिवार में बेवजह कलह हो सकती है. सामंजस्य बैठाएं. व्यवसाय की गति एक दम धीमी रहेगी.

धनु राशि:- मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा. सामाजिक पूछ-परख बढ़ेगी. रुके काम पूर्ण होंगे. प्रसन्नता में वृद्धि होगी. परिवार का सहयोग प्राप्त होगा. धनलाभ सहज ही होगा. कार्यकुशलता का विकास होगा. जल्दबाजी से बचें.

मकर राशि:- पुराने भूले-बिसरे मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी. मनोनुकूल सूचना प्राप्ति होगी. विवाद न करें. किसी व्यक्ति का व्यवहार मनोनुकूल नहीं रहेगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. वरिष्ठ व्यक्तियों की सलाह मानें.

कुम्भ राशि:- रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे. भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी. जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे. कोई बड़ी समस्या का हल मिल सकता है. प्रसन्नता रहेगी. आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं. थकान तथा आलस्य रह सकते हैं.

मीन राशि:- अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे. कर्ज लेना पड़ सकता है. पुराना रोग परेशान कर सकता है. वाणी में संयम आवश्यक है. बनते काम बिगड़ सकते हैं. अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं. विवेक से कार्य करें. व्यवसाय ठीक चलेगा. धनार्जन होगा.
 * आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)  वाट्सएप नम्बर 7879372913

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-