पटना मरीन ड्राइव पर बाइक के चारों ओर डांस, सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस पुलिस ने शुरू की जांच

पटना मरीन ड्राइव पर बाइक के चारों ओर डांस, सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस पुलिस ने शुरू की जांच

प्रेषित समय :22:15:01 PM / Sat, Jan 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना. बिहार की राजधानी पटना से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छेड़ दी है. लोकनायक गंगा पथ, जिसे आम तौर पर पटना मरीन ड्राइव एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाता है, वहां कुछ युवाओं द्वारा बाइक के चारों ओर नृत्य करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को लेकर जहां एक वर्ग इसे सार्वजनिक स्थान के दुरुपयोग और लापरवाही से जोड़ रहा है, वहीं दूसरे लोग इसे महज मनोरंजन और आत्म-अभिव्यक्ति बता रहे हैं. मामले ने तूल पकड़ने के बाद पटना पुलिस ने भी संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

वायरल वीडियो में करीब 15 युवक-युवतियां एक सजी हुई मोटरसाइकिल के चारों ओर तालमेल के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं. बाइक पर रंग-बिरंगी चमकती लाइटें लगी हुई हैं और बैकग्राउंड में बॉलीवुड गाना बज रहा है. वीडियो में दो युवतियां और एक छोटा बच्चा भी नृत्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसे कई सोशल मीडिया यूजर्स ने खास तौर पर नोटिस किया है. यह दृश्य लोकनायक गंगा पथ के उस हिस्से का बताया जा रहा है, जहां वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग और व्यू प्वाइंट की व्यवस्था है.

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर एक्स (पूर्व में ट्विटर), पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई यूजर्स ने इसे सार्वजनिक सड़क और महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर का दुरुपयोग बताते हुए आलोचना की. कुछ लोगों ने कटाक्ष करते हुए इसे बेरोजगारी और खराब नागरिक समझ से जोड़ दिया, वहीं कुछ ने यह तक कह दिया कि करोड़ों रुपये की लागत से बने एक्सप्रेसवे को ‘रील शूटिंग जोन’ में बदल दिया गया है. आलोचकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल अनुशासनहीनता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी खतरे पैदा कर सकती हैं.

हालांकि, वीडियो को लेकर समर्थन में भी बड़ी संख्या में लोग सामने आए. समर्थकों का कहना है कि डांस सड़क के बीचों-बीच नहीं, बल्कि पार्किंग या व्यू एरिया में किया गया, जिससे यातायात बाधित नहीं हुआ. वीडियो में पीछे चलते वाहनों को देखकर भी यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुख्य कैरिजवे पर किसी तरह की रुकावट नहीं डाली गई. कई यूजर्स ने युवाओं के डांस की तारीफ करते हुए इसे एक सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधि बताया.

समर्थन करने वालों ने यह भी तर्क दिया कि सोशल मीडिया रील्स बनाना आज देशभर में युवाओं के बीच एक आम चलन है और केवल बिहार के युवाओं को निशाना बनाना पूर्वाग्रह को दर्शाता है. कुछ लोगों ने खास तौर पर वीडियो में मौजूद छोटे बच्चे के आत्मविश्वास और एनर्जी की सराहना की. उनका कहना है कि ऐसे वीडियो को जरूरत से ज्यादा नकारात्मक नजरिए से देखना सही नहीं है, जब तक कि कानून या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न हो.

इस बीच, मामला बढ़ता देख पटना पुलिस ने भी प्रतिक्रिया दी है. पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वायरल वीडियो को संबंधित स्थानीय अधिकारियों को भेज दिया गया है. फुटेज की जांच की जा रही है और यदि किसी तरह के नियम उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस सटीक स्थान का है और क्या वहां इस तरह की गतिविधियों की अनुमति थी या नहीं.

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों के उपयोग, युवा संस्कृति और सोशल मीडिया पर वायरल होने की प्रवृत्ति को लेकर व्यापक बहस को जन्म दे दिया है. कई लोगों का मानना है कि युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी मिलनी चाहिए, लेकिन साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और अनुशासन का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है. वहीं, कुछ का कहना है कि बिहार से जुड़े ऐसे वायरल वीडियो अक्सर ज्यादा कठोर नजरिए से देखे जाते हैं, जिससे राज्य की छवि को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं.

फिलहाल, पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है. तब तक यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और यह बहस जारी है कि यह लापरवाही थी या सिर्फ एक harmless रील, जिसे बेवजह विवाद का रूप दे दिया गया.

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें: https://twitter.com/i/status/2014754975495430479

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-