वायरल वीडियो में फर्स्ट एसी कोच के दरवाज़े की डिजाइन पर सवाल, रेलवे ने मांगी पूरी जानकारी

वायरल वीडियो में फर्स्ट एसी कोच के दरवाज़े की डिजाइन पर सवाल, रेलवे ने मांगी पूरी जानकारी

प्रेषित समय :22:18:03 PM / Sat, Jan 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली.सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने भारतीय रेलवे के फर्स्ट एसी कोच की डिजाइन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रैवल व्लॉगर दीपक वेदी के एक व्लॉग का क्लिप सामने आने के बाद यूजर्स में चिंता और विवाद दोनों देखने को मिल रहे हैं। वीडियो में व्लॉगर एक फर्स्ट एसी कोच का दरवाज़ा खोलते हैं और दरवाज़ा खुलते ही सामने ऐसा गेट दिखाई देता है, जो सीधे ट्रेन के बाहर की ओर खुलता है।

वीडियो में दीपक वेदी यह आशंका जताते हैं कि अगर किसी कारणवश धक्का लग जाए या कोई अनजाने में उस गेट को खोल दे, तो व्यक्ति सीधे चलती ट्रेन से बाहर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसी संभावित खतरे को लेकर उन्होंने रेलवे की डिजाइन पर सवाल उठाए हैं। यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तेजी से वायरल हुआ और 24 घंटे से भी कम समय में इसे तीन लाख से ज्यादा बार देखा गया।

वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई लोगों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और रेलवे से तत्काल सुधार की मांग की। कुछ यूजर्स ने कहा कि फर्स्ट एसी जैसे प्रीमियम कोच में इस तरह की व्यवस्था होना चिंताजनक है और इसमें अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए।

हालांकि, दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने व्लॉगर के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह डिजाइन नई नहीं है और दरवाज़ा दोनों दिशाओं में खुलता है, जो रेलवे कोचों में सामान्य व्यवस्था है। कुछ लोगों ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं और इसे अनावश्यक डर फैलाने वाला वीडियो बताया। एक यूजर ने लिखा कि कई एसी-2 और एसी-3 कोचों में भी इसी तरह की संरचना देखी गई है और यह वर्षों से चली आ रही व्यवस्था है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मज़ाकिया और तीखे कमेंट्स भी देखने को मिले। किसी ने इसे “गेट टू हेवन” कहा तो किसी ने इसे बेहद डरावना बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने भी सफर के दौरान इस तरह की स्थिति नोटिस की है, लेकिन कभी इसे गंभीर खतरे के रूप में नहीं देखा।

मामले ने तूल पकड़ा तो रेलवे ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। रेलवे सेवा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जवाब देते हुए कहा गया कि संबंधित व्यक्ति अपनी समस्या को विस्तार से साझा करे। रेलवे ने व्लॉगर से ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख और मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी देने का अनुरोध किया है, ताकि मामले की जांच की जा सके। रेलवे ने यह भी कहा कि विवरण डायरेक्ट मैसेज के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो किस ट्रेन या किस रूट का है और यह घटना किस तारीख की है। वीडियो में दिखाई गई स्थिति को लेकर रेलवे की ओर से अभी तक कोई औपचारिक स्पष्टीकरण या तकनीकी बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जानकारी मांगे जाने से यह संकेत जरूर मिलता है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर रेलवे कोचों की डिजाइन, यात्री सुरक्षा और सोशल मीडिया के जरिए उठने वाले सवालों की अहमियत को सामने ला दिया है। जहां एक ओर सोशल मीडिया ऐसे मुद्दों को तेजी से सामने लाने का माध्यम बन रहा है, वहीं दूसरी ओर यह बहस भी जारी है कि हर वायरल वीडियो को किस हद तक वास्तविक खतरे के रूप में देखा जाना चाहिए। अब सभी की नजरें रेलवे की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें : https://twitter.com/i/status/2014677849526174085

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-