AajKaDin: 25 जनवरी 2026, कला के क्षेत्र में कामयाबी के लिए नर्मदा देवी की पूजा, पवित्र स्नान और नर्मदा जल का उपयोग करें!

AajKaDin: 25 जनवरी 2026, कला के क्षेत्र में कामयाबी के लिए नर्मदा देवी की पूजा, पवित्र स्नान और नर्मदा जल का उपयोग करें!

प्रेषित समय :21:19:53 PM / Sat, Jan 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* नर्मदा जयन्ती - 25 जनवरी 2026, रविवार
* सप्तमी तिथि प्रारम्भ - 25 जनवरी 2026 को 12:39 एएम बजे
* सप्तमी तिथि समाप्त - 25 जनवरी 2026 को 11:10 पीएम बजे

धर्मधारणा के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी के अवसर पर नर्मदा जयंती का पर्व मनाया जाता है. नर्मदा देश की प्रमुख पवित्र नदियों में से एक है, जिसकी प्रसिद्धि का वर्णन अनेक धर्मग्रंथों में अंकित है.
नर्मदा नदी को विविध कलाओं का प्रतिनिधित्व करनेवाला- सामवेद कहा जाता है, इसलिए बॉलीवुड में, कला के क्षेत्र में कामयाबी के लिए नर्मदा देवी की पूजा, पवित्र स्नान और नर्मदा जल का उपयोग करें.
नर्मदा की उत्पत्ति की कई धर्मकथाएं हैं, जिनके अनुसार माता नर्मदा धरती पर देवों के देव महादेव का जलस्वरूप आशीर्वाद हैं, जो जन कल्याणार्थ है.
नर्मदा अमरकंटक से प्रकट होकर अरब सागर में मिलती है. धर्मधारणाओं के अनुसार माता नर्मदा के दर्शन मात्र से जीवन में पवित्रता प्राप्त होती है. इसके दोनों किनारों पर लाखों ज्ञात-अज्ञात तीर्थ हैं, जिनके दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है. इसीलिए माता नर्मदा की परिक्रमा की जाती है. सफल तपस्या के लिए माता नर्मदा का आशीर्वाद सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.
प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक- ओंकारेश्वर माता नर्मदा के तट पर स्थित है. नर्मदा जयंती माता की आराधना का विशेष अवसर है, इसका धर्मलाभ भाग्यवानों को ही प्राप्त होता है. 
ओंकारेश्वर.... विध्य के दुख निवारण हेतु भगवान आशुतोष यहां आए थे, मालवा क्षेत्र में नर्मदा नदी की धाराओं के मध्य स्थित मान्धाता पर्वत पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव अपने साकार रूप में आज भी भक्तों को आह्लाद प्रसाद बांटते हैं.
कावेरिकानर्मदयोः पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय.
सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे ..

भावार्थ- जो भोलेनाथ कावेरी-नर्मदा के पवित्र संगम में स्थित मान्धता नगरी में सदा निवास करते हैं, उन्हीं अद्वितीय ओंकारेश्वर नाम से विख्यात भोलेनाथ की मैं स्तुति करता हूं!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 25 जनवरी 2026
* भानु सप्तमी, रथ सप्तमी, नर्मदा जयन्ती, ब्रह्म सावर्णि मन्वादि, पञ्चक, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग

ब्रह्म मुहूर्त- 05:35 एएम से 06:27 एएम, प्रातः सन्ध्या- 06:01 एएम से 07:20 एएम, अभिजित मुहूर्त- 12:26 पीएम से 01:09 पीएम, विजय मुहूर्त- 02:37 पीएम से 03:21 पीएम, गोधूलि मुहूर्त- 06:13 पीएम से 06:39 पीएम, सायाह्न सन्ध्या- 06:15 पीएम से 07:34 पीएम, अमृत काल- 11:15 एएम से 12:49 पीएम- निशिता मुहूर्त- 12:21 एएम (26 जनवरी 2026) से 01:14 एएम (26 जनवरी 2026), 05:39 एएम (26 जनवरी 2026) से 07:11 एएम (26 जनवरी 2026), रवि योग 07:20 एएम से 01:35 पीएम, सर्वार्थ सिद्धि योग- 01:35 पीएम से 07:19 एएम (26 जनवरी 2026)
* दिन का चौघड़िया
उद्वेग - 07:20 से 08:42
चर - 08:42 से 10:04
लाभ - 10:04 से 11:26
अमृत - 11:26 से 12:48
काल - 12:48 से 02:10
शुभ - 02:10 से 03:32
रोग - 03:32 से 04:53
उद्वेग - 04:53 से 06:15
* रात्रि का चौघड़िया
शुभ - 06:15 से 07:53
अमृत - 07:53 से 09:31
चर - 09:31 से 11:09
रोग - 11:09 से 12:47
काल - 12:47 से 02:25
लाभ - 02:25 से 04:03
उद्वेग - 04:03 से 05:41
शुभ - 05:41 से 07:19*

चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का राशिफल -
मेष राशि:- आसानी से लोगों की मदद मिलने की वजह से आप अपने लिए कोई खतरा न पैदा करते चले जाएँ. अपने खर्चों क व्यर्थ में बढ़ा लेना भी एक तरह की गलती है जिसे बेकाबू न होने दें.

वृष राशि:- कामकाज के क्षेत्र में आपके साथी सहयोगी हों या आपके बॉस, किसी से भी मतभेद में बिलकुल न पड़ें. ऐसा करके आप अपनी दिक्कतों को कहीं इतना न बढ़ा लें की उसका बुरा असर आपके काम की स्थिरता पर पड़े.

मिथुन राशि:- किसी प्यार के रिश्ते को समझने में या उसमे समय लगाने में कोई कमी न रखें. हालात मददगार हैं इसलिए भी अपनी स्तिथि का सही आकलन करना होगा, ताकि घर-परिवार से जुडी चिन्ताओं को लेकर आप कहीं परेशान न हो जाएँ.

कर्क राशि:- घर-परिवार में किसी छोटी बात को लेकर किसी बात को बिगाड़ें नहीं. ऐसे किसी अहम व्यक्ति को नाराज़ कर लेना ठीक नहीं है जो आपकी मदद करना चाह रहा है.

सिंह राशि:- अपनी मेहनत को और अपनी लगन को इस रूप से बनायें की वो आपको लोगों से जोड़ सके. रिश्तों की अच्छी बनती हुई संभावनाओं से कामकाज के क्षेत्र में भी बढ़ोतरी होगी. अपने साथी सहयोगियों को किसी भी वजह से शक की नजर से बिलकुल न देखें.

कन्या राशि:- किसी भी तरह की बहस में पैसे को मुद्दा न बनायें. ऐसा करने से पैसे के फंसने का अंदेशा हो जायेगा और यही इस समय ठीक नहीं है.

तुला राशि:- चाहे घर-परिवार के रिश्तों की बात हो या किसी प्यार के रिश्ते की, किसी भी एक रिश्ते को बढ़ावा देने के लिए किसी दुसरे रिश्ते को नाराज़ न कर लें. ऐसा करके आप व्यर्थ में लोगों से फासले न बढाते चले जाएँ.

वृश्चिक राशि:- अपनों के करीब आने के जो भी अच्छे मौके मिल रहे हैं उन्हें अपने हाथ से जाने न दें. ऐसे में अपनी सीमाओं से बढ़कर भी कुछ किसी के लिए कुछ करना पड़े तो भी घबराएं नहीं.

धनु राशि:- अपने दोस्तों से किसी बहस में बिलकुल न पड़ें और अगर कोई बहस छिड जाये तो उसमे सिर्फ अपने फायदे की बात न करते चले जाएँ, ऐसा करके आप कहीं अपनी छवि न बिगाड़ लें.

मकर राशि:- अपने कामकाज में नियमित हो जाने के जो फायदे हैं उन्हें कम न समझें. अपने पैसे की स्थिति को अगर बचाए रखना है तो बहुत ज्यादा उदारता भी न दिखाएँ. थोडा सा अपना हाथ खींच लें.

कुम्भ राशि:- अपनी अच्छाई को बनाये रखना है तो किसी भी तरह की गलतफहमी में न पड़ें. अपनी बात बहुत स्पष्टता से कहें ताकि कोई दिक्कत पैदा ही न हो.

मीन राशि:- अपने काम या कारोबार को लेकर कोई ऐसा बड़ा कदम न उठायें जो आपको किसी खतरे में डाल दे. ऐसे समय में अपनी बचत को भी किसी खतरे में डालना ठीक नहीं होगा.
 * आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)  वाट्सएप नम्बर 7879372913

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-