नई दिल्ली/भुवनेश्वर। हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा और भरोसे को कायम रखने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की भूमिका एक बार फिर सराहना के केंद्र में है। दिल्ली के एक यात्री ने भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर तैनात CISF कर्मियों की तत्परता और ईमानदारी की खुले दिल से प्रशंसा की है, जब सुरक्षा जांच के दौरान भूल से छूट गए उनके महंगे स्मार्ट चश्मे उन्हें बोर्डिंग गेट पर ही सुरक्षित लौटा दिए गए।
दिल्ली निवासी यात्री शुभेंदु ने इस पूरे अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया, जो देखते ही देखते लोगों का ध्यान खींचने लगा। शुभेंदु के अनुसार, यह घटना दोपहर के समय की है, जब वे जल्दबाजी में सुरक्षा जांच पूरी कर सीधे बोर्डिंग गेट की ओर बढ़ गए थे। उसी जल्दबाजी में उनके स्मार्ट सनग्लासेस सुरक्षा जांच क्षेत्र में ही रह गए, जिसका उन्हें उस समय एहसास भी नहीं हुआ।
शुभेंदु ने बताया कि जैसे ही बोर्डिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी बोर्डिंग गेट पर तैनात CISF के एक जवान ने उन्हें रोककर पूछा कि क्या उन्होंने अपने चश्मे कहीं छोड़ दिए हैं। यह सुनकर उन्हें हैरानी हुई और तभी उन्हें याद आया कि उनके बैग में चश्मे नहीं हैं। CISF जवान ने चश्मों के बारे में जानकारी ली, जिस पर शुभेंदु ने बताया कि वे रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस हैं, जो भूरे रंग के कवर में रखे हुए थे।
जानकारी की पुष्टि होते ही CISF कर्मी उन्हें दोबारा सुरक्षा जांच क्षेत्र में ले गए और वहां से सुरक्षित रखे गए उनके चश्मे उन्हें सौंप दिए। शुभेंदु ने अपनी पोस्ट में लिखा कि CISF की यह तत्परता और जिम्मेदारी वास्तव में काबिले-तारीफ है। उन्होंने CISF एयरपोर्ट सेक्टर और मुख्यालय को टैग करते हुए उनके समर्पित और त्वरित सेवा भाव के लिए धन्यवाद दिया।
शुभेंदु ने इस अनुभव से जुड़ा एक हल्का-फुल्का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि CISF कर्मियों ने चश्मों को देखने की जिज्ञासा में उनसे एक रैंडम फोटो भी क्लिक कर ली थी, जिसे उन्होंने मजाकिया अंदाज में पोस्टस्क्रिप्ट में जोड़ा।
इस पोस्ट पर CISF की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई। CISF एयरपोर्ट सेक्टर के आधिकारिक एक्स अकाउंट से जवाब देते हुए कहा गया कि यात्री की सराहना उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। CISF ने कहा कि वे यात्रियों की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
शुभेंदु की पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए। किसी ने बताया कि भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर ही CISF कर्मियों ने एक यात्री का छूटा हुआ लैपटॉप लौटाया था, तो किसी ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर स्मार्ट वॉच वापस मिलने का अनुभव साझा किया। कई यूजर्स ने CISF कर्मियों को सहयोगी, जिम्मेदार और सराहनीय बताया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा बल केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यात्रियों के प्रति उनकी सजगता और ईमानदारी भी आम लोगों का भरोसा मजबूत करती है। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर CISF की यह पहल सोशल मीडिया पर सकारात्मक चर्चा का विषय बनी हुई है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

