इस्लामाबाद. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में एक शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमला हुआ. इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह घटना शुक्रवार देर रात डेरा इस्माइल खान जिले में हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय मीडिया ने शनिवार को दी.
हमला अमन (शांति) समिति के प्रमुख नूर आलम महसूद के घर को निशाना बनाकर किया गया. उसी समय वहां शादी का कार्यक्रम चल रहा था. इस घटना में नूर आलम महसूद भी घायल हुए हैं. विस्फोट होते ही शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई.
प्रमुख ब्रॉडकास्टर जियो न्यूज़ के अनुसार, धमाके में कई लोग घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि धमाके की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, लेकिन शुरुआती जांच में यह आत्मघाती हमला ही माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, धमाके के बाद हमलावरों ने फायरिंग भी की.
घटना के बाद जांच टीमें और फॉरेंसिक विशेषज्ञ कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहे और सबूत इक_ा किए गए, ताकि हमलावर और उसके पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
पाकिस्तानी प्रमुख दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि धमाके वाली जगह से आत्मघाती हमलावर का कटा हुआ सिर बरामद हुआ है. बताया जा रहा है कि हमलावर की उम्र करीब 17 साल थी. इस सिर को जांच और पहचान के लिए कब्जे में ले लिया गया है.
केपी के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने प्रांतीय पुलिस प्रमुख से तुरंत रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए. मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, जो अफगानिस्तान से सटे हुए हैं, हाल के दिनों में ऐसे हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं. यह पहली बार नहीं था जब दक्षिण वजीरिस्तान में महसूद शांति कमेटी के प्रमुख नूर आलम महसूद को निशाना बनाया गया हो. इससे पहले 2022 में डेरा इस्माइल खान में उनके कार्यालय पर दो आत्मघाती हमलावरों ने हमला करने की कोशिश की थी. हालांकि उस समय दोनों हमलावर मारे गए थे और हमला नाकाम हो गया था.
पिछले महीने भी डेरा इस्माइल खान में पुलिस वाहन पर बम हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज द्वारा जारी डेटा के अनुसार, पिछले साल पाकिस्तान में कुल हिंसा में 25 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई, जिसमें आम नागरिकों, सुरक्षा बलों और अपराधियों से जुड़ी हिंसा में कम से कम 3,187 मौतें और 1,981 लोग घायल हुए. इन मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा को उठाना पड़ा, जहां कुल मौतों का करीब 68 प्रतिशत और घटनाओं का 62 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

